Monday, September 23, 2019
भारी बारिश से जान-माल और फसल नुकसान का प्रारंभिक आकलन करें-मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को दिए निर्देश

भारी बारिश से जान-माल और फसल नुकसान का प्रारंभिक आकलन करें-मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को दिए निर्देश

मीडियावाला.इन।

जिलों में जवाबदेही का वातावरण बनायें
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने जनाधिकार कार्यक्रम वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कलेक्टर्स को दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने सभी जिला कलेक्टर्स को भारी बारिश से जान-माल और फसल के नुकसान का प्रारंभिक आकलन करने के निर्देश दिए हैं ताकि बिना किसी विलम्ब के क्षतिपूर्ति राशि दी जा सके। उन्होंने रबी फसलों के लिए खाद की आवश्यकता का आकलन करने के भी निर्देश दिए।

आज यहाँ मंत्रालय में जनाधिकार कार्यक्रम में वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स से कहा कि किसानों की ऋण माफी के संबंध में प्राथमिक रिपोर्ट भिजवायें। हर जिले में ऋण-माफी से संबंधित समस्या का स्वरूप अलग-अलग है। उन्होंने बिजली बिलों को लेकर आने वाली शिकायतों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि आम उपभोक्ताओं की शिकायतें अत्यधिक बिल आने से संबंधित हैं। आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में ऐसे प्रकरणों का समाधान प्राथमिकता के साथ करें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने जिलों में जवाबदेही का वातावरण बनायें।

वनाधिकार के अस्वीकृत प्रकरणों का निराकरण स्वविवेक से करें

मुख्यमंत्री ने वनाधिकार अधिनियम के अंतर्गत तकनीकी कारणों से अस्वीकृत किए गए प्रकरणों की तत्काल समीक्षा कर सकारात्मक निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी कमियों को लेकर से पात्र परिवार वनाधिकार पट्टों से वंचित नहीं रहने चाहिए। कलेक्टर अपने विवेक से भी तकनीकी कमियों को दूर कर सकते हैं। तकनीकी कमियों के कारण अस्वीकृत प्रकरणों में कलेक्टर की जवाबदेही तय की जायेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी परिवारों से सबूत लाने पर जोर देने से बेहतर है कि स्वविवेक से उनकी मदद करें ताकि उनके प्रकरणों का सकारात्मक निराकण हो सके।

बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत तत्काल शुरू करें

मुख्यमंत्री ने बारिश खत्म होते ही खराब हुई सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के साथ शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 20 सितम्बर से काम शुरू कर दें और 20 नवम्बर तक इसे पूरा कर लें।

श्री कमल नाथ ने गौ-शालाएँ खोलने और उन्हें संचालित करने के इच्छुक लोगों के आग्रह को देखते हुए कलेक्टरों से कहा कि इस काम को प्रोत्साहित करें। सभी जिलों में ऐसी संस्थाएँ ओर लोग सामने आ रहे हैं जो गौ-शालाएँ खोलना चाहते हैं। आगे बढ़कर उनकी मदद करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 में शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण करने में जिन अधिकारियों का खराब प्रदर्शन रहा है उनकी सूची बनायें।

मुख्यमंत्री ने कई हितग्राहियों के प्रकरणों का समाधान किया। उन्होंने दमोह के श्री विवेक तोमर, धार के श्री रेवाराम पाटीदार, राजगढ़ की श्रीमती रायला बाई, सागर के श्री घनश्याम अहिरवार, सतना के श्री राम नरेश साहू, अनूपपुर के श्री अजय बैगा, बैतूल के श्री हनुवंत कुशवाहा के प्रकरणों का निराकरण किया और आवश्यक निर्देश दिये।

 एक लाख 30 हजार की कर्ज माफी पर मुख्यमंत्री का आभार

बैतूल के श्री हनुवंत कुशवाहा ने अपने गाँव कोला खापा को पक्की सड़क से जोड़ने की माँग की। उन्होंने बताया कि नदी के कारण यह रास्ता कठिन हो जाता है। मुख्यमंत्री ने इसका सर्वे कराने के निर्देश दिए। श्री कुशवाहा ने जय किसान फसल ऋण माफी योजना में उनके परिवार का एक लाख 30 हजार रूपये का कर्ज माफ करने पर परिवार की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। यह कर्ज उनके पिता पर था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि बैंक से ऋण माफी के कागज मिल गए हैं।

अनूपपुर के श्री अजय बैगा द्वारा राशन नहीं मिलने की शिकायत के सिलसिले में मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से ऐसे पात्र लोगों की सूची बनाने के निर्देश दिए जो बीपीएल की सूची में शामिल नहीं है । साथ ही ऐसे अपात्र लोगों को भी चिन्हित करें जो बीपीएल की सूची में शामिल हैं। सागर के श्री घनश्याम अहिरवार के प्रकरण के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों के ऋण माफी के प्रकरण आनलाइन रिपोर्ट नहीं किए जा सके हैं उनके संबंध में सभी कलेक्टर अपने-अपने जिले की रिपोर्ट सात दिन के अंदर प्रस्तुत करें। धार के श्री रेवाराम पाटीदार को शिकायत निवारण प्राधिकरण के निर्देशों के बावजूद पट्टा मिलने में देरी के प्रकरण में संबंधित लिपिक को निलंबित करने और भू-अधिग्रहण अधिकारी की विभागीय जाँच करने के निर्देश दिए।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती एवं संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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