Monday, September 23, 2019
अधिमान्यता, पेंशन पात्रता और आवास के लिए सरकार से मांग करेंगे फोटो जर्नलिस्ट

अधिमान्यता, पेंशन पात्रता और आवास के लिए सरकार से मांग करेंगे फोटो जर्नलिस्ट

मीडियावाला.इन।  इंदौर । शहर के विभिन्न दैनिक और सांध्य दैनिक के फोटो जर्नलिस्ट एकजुट हुए हैं। फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन (एफजेए) का गठन कर इसे पंजीकृत भी करा लिया गया है। यह संगठन अधिमान्यता, पेंशन पात्रता और आवास के लिए सरकार से मांग करेगा।

स्टेट प्रेस क्लब (एसपीसी) अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल सहित क्लब की कार्यकारिणी ने एसोसिएशन अध्यक्ष विजय शर्मा, महासचिव आशु पटेल (प्रफुल्ल चौरसिया) सहित अन्य पदाधिकारियों के स्वागत के साथ ही आश्वस्त किया कि उनकी माँगों की मंजूरी के लिए स्टेट प्रेस क्लब सरकार और एसोसिएशन के बीच सेतु का काम करेगा।अध्यक्ष खारीवाल ने कहा कि फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन का गठन कर लेने से ही संतुष्ट न हों जाएं, हर महीने गतिविधियाँ भी करें, ताकि अन्य शहरों के आप के साथी भी एसोसिएशन से जुड़ सकें।आयोजन संबंधी सभी तैयारियों में एसपीसी पूर्ण सहयोग करेगा। 

वरिष्ठ छायाकार अखिल हार्डिया, ओपी सोनी, संदीप जैन, दिलीप लोकरे,शरीफ कप्तान आदि ने परेशानी बताई कि जनसंपर्क विभाग आसानी से फोटो जर्नलिस्ट को उतनी आसानी से मान्यता नहीं देता जितनी रियायत पत्रकारों के आवेदनों में दिखाता है। कई मामलों में संस्थागत दिक़्क़तें आड़े आ जाती हैं। नियमों में यह शिथिलता कराई जाए कि जिलास्तर पर जनसंपर्क अधिकारी प्रमाणित कर दें कि ये सक्रिय फोटो जर्नलिस्ट हैं। इसके लिए बस इतना करना पड़ेगा कि चुनाव, वीवीआयपी आदि आगमन पर फोटो कवरेज के लिए जिनके कार्ड बनते हैं उनके आवेदनों को प्राथमिकता दी जा सकती है। साथ ही अधिमान्य पत्रकारों की तरह फोटो जर्नलिस्ट को भी सम्मान निधि का लाभ दिया जाए। इंदौर के पत्रकारों की तरह फोटो जर्नलिस्ट को भी शासकीय आवास का लाभ मिले, यह संभव न हो तो रियायती दर पर फ्लैट या शासकीय जमीन उपलब्ध कराई जाए। एसपीसी के उपाध्यक्ष कमल कस्तूरी और महासचिव रवि चावला ने आवास संबंधी समस्या निराकरण की दिशा में कुछ और प्रस्ताव भी रखे। फोटो जर्नलिस्ट की सहकारी संस्था गठन को लेकर भी चर्चा हुई और इसके लिए पत्रकार कृष्णकांत रोकड़े ने हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया, रोकड़े अभी निमाड़ सहकारी साख संस्था संचालित कर रहे हैं। फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने 12सौ रु सदस्यता शुल्क निर्धारित करने की घोषणा की तो पहले सदस्य के रूप में प्रमोद जैन ने शुल्क जमा कराया। पदाधिकारियों ने एकमत से निर्णय लिया कि जो साथी 12 सौ रु सदस्यता शुल्क जमा कराएगा, वो ही सब इन योजनाओं के लाभार्थी हो सकेंगे।

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