Wednesday, October 16, 2019
टिकट नहीं मिला तो पार्टी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ूंगी : कृष्णा गौर

टिकट नहीं मिला तो पार्टी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ूंगी : कृष्णा गौर

मीडियावाला.इन। भोपाल . उम्मीदवारों का ऐलान होते ही भाजपा में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। दस बार के विधायक व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने अपनी बहू कृष्णा को टिकट दिलवाने के लिए संगठन से लेकर दिल्ली तक जोर लगा दिया है। भाजपा बाबूलाल गौर का टिकट काट चुकी है और उनकी बहू को भी टिकट देने में आना-कानी कर रही है।

गौर इससे नाराज हैं। बहू ने साफ कर दिया है कि पार्टी उन्हें टिकट दे या नहीं, वे इस्तीफा देकर हर हाल में गोविंदपुरा से ही चुनाव लड़ेंगी। टिकट कटने की संभावनाओं के मद्देनजर गौर समर्थकों ने आनन-फानन में शनिवार को गोविंदपुरा में बैठक की। इसके बाद गौर के निवास पर विधानसभा प्रभारी बारेलाल अहिरवार समेत क्षेत्र के तमाम पार्षदों ने कृष्णा से मुलाकात कर चुनाव लड़ने के लिए कहा। इस बीच, कृष्णा ने परिवारवाद को लेकर सवाल उठाए और कहा कि उनके मन में पीड़ा है।  

संगठन में काम किया। बरसों से परिवार का गोविंदपुरा से नाता है। कई दूसरे नेताओं के बेटे-बेटी को टिकट मिला है तो मेरे साथ ऐसा क्यों? उन्होंने आशा व्यक्त की कि आरएसएस और संगठन का उनपर भरोसा है। यह भी इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गौर परिवार से संपर्क कर लिया है।

कांग्रेस नेता गोविंद गोयल भी गौर से मिलने उनके निवास पर पहुंचे। देर शाम को गौर ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से कृष्णा के लिए बात की।  दूसरी ओर गोविंदपुरा सीट से दावेदारी कर रहे महापौर आलोक शर्मा ने संगठन महामंत्री सुहास भगत से मिलकर अपना पक्ष रखा। भाजपा के प्रदेश महामंत्री व दावेदार वीडी शर्मा भी लगातार संघ के संपर्क में हैं। 

इधर, गौर के घर पहुंचे पार्षदों में सीमा यादव, नारायणी अहिरवार, रामबाबू पाटीदार, अर्चना परमार, रश्मि द्विवेदी, लक्ष्मी ठाकुर और संजय वर्मा समेत अन्य शामिल थे। कृष्णा गौर ने मुख्यमंत्री से मिलकर यह भी स्पष्ट कर दिया कि जब वरिष्ठ नेताओं के सीट छोड़ने पर बेटों, पत्नियों और भाइयों को टिकट मिल सकती है तो उन्हें क्यों नहीं। सुदीप, विक्रम तो वर्तमान में और कई पूर्व उदाहरण हैं।

पार्टी दफ्तर में सहस्त्रबुद्धे को घेरा

मुंगावली में भाजपा प्रत्याशी केपी यादव के विरोध में बाईसाहब यादव के पुत्र ने समर्थकों के साथ भोपाल में पार्टी दफ्तर में शक्ति प्रदर्शन कर दिया। साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे की गाड़ी को घेर लिया। दोनों नेता कार से नहीं निकले तो समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि-‘क्या कार्यकर्ताओं की भी नहीं सुनी जाएगी’।

25 गाड़ियों के साथ सीएम हाउस पहुंचे वेल सिंह

धार की सरदारपुर सीट से भाजपा विधायक वेलसिंह भूरिया का टिकट कट गया। वे शनिवार को 25 गाड़ियों में समर्थक लेकर सीएम हाउस पहुंचे और मुख्यमंत्री से बात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। भूरिया ने अभी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

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