Saturday, September 21, 2019
राष्ट्रीय स्तर के स्कॉच अवार्ड के लिए रीवा संभाग चयनित

राष्ट्रीय स्तर के स्कॉच अवार्ड के लिए रीवा संभाग चयनित

मीडियावाला.इन।

 

11 सितम्बर को नई दिल्ली में होगा प्रजेंटेशन

रीवा  .| राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्कॉच अवार्ड हेतु रीवा संभाग को मीजल्स-रूबेला एवं दस्तक अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए चयनित किया गया है। इस संबंध में कमिश्नर रीवा संभाग डॉ. अशोक कुमार भार्गव को आगामी 11 सितम्बर को स्कॉच ग्रुप के प्रबंध संचालक एवं समूह संपादक डॉ. गुरशरण धंजल द्वारा नई दिल्ली में प्रजेंटेशन के लिए आमंत्रित किया गया है। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने बताया कि रीवा संभाग में मीजल्स रूबेला अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल होने एवं दस्तक अभियान में नवाचार कर प्रदेश में सर्वाधिक उपलब्धि के लिए नई दिल्ली में  प्रजेंटेशन दिया जायेगा। 

उल्लेखनीय है कि कमिश्नर डॉ. भार्गव के नेतृत्व में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य विभागों के समन्वय से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने दोनों अभियानों की लगातार मॉनीटरिंग की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। संभाग में कुल 23 लाख 69 हजार बच्चों को मीजल्स रूबेला के टीके लगाए गए जो लक्ष्य से काफी अधिक है। संभाग में दस्तक अभियान के तहत बच्चों की सेहत के लिए घर-घर जाकर दस्तक दी गई। कमिश्नर डॉ. भार्गव स्वयं आदिवासी एवं मलिन बस्तियों में पहुंचे और उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी लेकर आवश्यक उपचार और परामर्श प्रदान करने के निर्देश संबंधितों को दिये। संभाग में दस्तक अभियान का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। कमिश्नर डॉ. भार्गव ने अधिकारियों को लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित किया तथा कहा कि यदि अधिकारी शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने के लिए एक साथ संकल्पित हो जायें और प्रयत्न करें तो कोई भी कार्य मुश्किल नहीं है। 

कमिश्नर डॉ. भार्गव ने बच्चों को मीजल्स एवं रूबेला रोग से बचाने के लिए भी कृत संकल्पित हुये तथा संभाग के लक्षित शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए प्रभावी रणनीति बनायी। कमिश्नर डॉ. भार्गव स्वयं कई स्कूलों, आगंनवाड़ियों, छात्रावासों में जाकर बच्चों के टीकाकरण में शामिल हुए एवं उन्हें टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित किया। संभाग के समस्त कलेक्टर्स एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कार्य योजना बनाकर विद्यालयों, छात्रावासों, आश्रमों, आंगनवाड़ियों में बच्चों का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जेल में बंद महिला कैदियों के शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण तथा दिव्यांग एवं नि:शक्त बच्चों का टीकाकरण करने के निर्देश दिए। इन सभी कार्यों के सुखद परिणाम सामने आये और रीवा संभाग प्रदेश में मीजल्स-रूबेला टीकाकरण में पहले स्थान पर आ गया। 

 

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