Wednesday, September 18, 2019
MP: मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों को मिलेगा सातवां वेतनमान, कैबिनेट बैठक में एक दर्जन प्रस्तावों पर लगी मुहर

MP: मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों को मिलेगा सातवां वेतनमान, कैबिनेट बैठक में एक दर्जन प्रस्तावों पर लगी मुहर

मीडियावाला.इन।

-मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर लगी मुहर

भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बैठक में मंत्रिपरिषद ने मेडिकल कॉलेजों के शिक्षकों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ बैठक में एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगी। यह जानकारी बैठक के बाद गुरुवार को प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने मीडिया से बातचीत में दी।

जनसम्पर्क मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के शिक्षक लम्बे समय से सातवां वेतनमान दिए जाने की मांग कर रहे थे। इसके मद्दनेजर मंत्रिपरिषद ने उच्च शिक्षा विभाग के मेडिकल टीचर्स को यूजीसी के नियमों के आधार पर सातवें वेतनमान के लाभ दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी । इससे सरकार के खजाने पर 78 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ने की संभावना है। बैठक में सवर्ण आरक्षण के लिए पात्रता के जमीन संबंधी प्रावधान में सरकार ने बदलाव किया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में शैक्षणिक संस्थाओं और नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा 100 डायल का टेंडर 2020 तक बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृत दे दी गई है। इस अवधि के बाद नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। इस सुविधा का विस्तार भी किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के छह शहरों में सेफ सिटी कार्यक्रम को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत महिलाओं, बच्चियों की सुरक्षा के लिए अभियान चलाया जाएगा। सरकार सेफ सिटी के तहत भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, छतरपुर आदि शहरों में महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाने पर जोर देगी।

उन्होंने बताया कि बैठक में महू-मनमाड़ रेल लाइन के लिए वित्तीय प्रावधान, पत्रकार श्रद्धा निधि का नाम बदलकर पत्रकार सम्मान निधि और राशि प्रतिमाह सात हजार से बढ़ाकर दस हजार किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई। वहीं छिंदवाड़ा में कृषि महाविद्यालय के लिए 50 हेक्टेयर जमीन मंजूर की गई है। बैठक में मेडिकल लीगल इंस्टीट्यूट के चार पदों को मंजूर किया गया है, जबकि मंत्रिपरिषद ने आदिवासी शिक्षा संस्थाओं के अतिथि विद्वानों का मानदेय दोगुना करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। इसके अलावा बैठक में एडीजी के 15 पदों को स्वीकृति दी गई है।

उन्होंने बताया कि बैठक में विधायकों को वाहनों और मकान के लिए रियायती कर्ज का मामला भी उठा था, लेकिन फिलहाल इस पर मंत्रिपरिषद में सहमति नहीं बन गई है। बैठक में निवाड़ी जिले में 3 नए पदों को मंजूरी दी गई है। मध्यप्रदेश में राज्य बीमा सोसाइटी के गठन किया जाएगा। इसमें सचिव इस्तर का अधिकारी सरकार की ओर से नॉमिनेट होगा। इसके अलावा बैठक में अतिवर्षा को लेकर चर्चा हुई और झाबुआ और अलीराजपुर में स्व सहायता समूह को 25-25 हजार रुपये देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

 

0 comments      

Add Comment