Tuesday, August 20, 2019
मंदसौर जिले में बाढ़ का तांडव - आधा दर्जन से अधिक बहे तीन की मौत ,राहत बचाव कार्य जारी  - हजारों परेशान

मंदसौर जिले में बाढ़ का तांडव - आधा दर्जन से अधिक बहे तीन की मौत ,राहत बचाव कार्य जारी - हजारों परेशान

मीडियावाला.इन।

मंदसौर से डॉ. घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

मंदसौर जिले में बरसात नहीं थम रही है। रुक रुक कर होरही वर्षा ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। नदी नालों जलाशयों का जलस्तर खतरे से ऊपर बह रहा है। मंदसौर, पाल्या मारू, रेवास देवड़ा, हैदरवास, खिलचिपुरा, बड़वन, आकोदड़ा, दावतखेड़ी, बुलगड़ी, घटावदा, बाजखेड़ी आदि स्थानों पर हजारों लोगों को हटाया गया है । 

मंदसौर और मल्हारगढ़ में राहत शिविरों में लाया गया है। भोजन, उपचार और ठहरने की व्यवस्था जुटाई जा रही है।

आरम्भिक सूचनाओं के अनुसार को 6 से अधिक लोगों के बह जाने की जानकारी आई है जिसमें दो महिला हैं।  तीन लोगों की मौत हुई है, दो महिला हैं। दर्जनों पशुओं के बह जाने की सूचना है। सैंकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंदसौर शासकीय महाविद्यालय के प्राध्यापक आर डी गुप्ता के साथ उनकी पत्नी श्रीमती बिंदु गुप्ता ( 42 ), पुत्री आश्रुति ( 19 ) तेलिया तालाब के कैचमेंट क्षेत्र गांधीनगर - शिक्षक नगर - मेघदूत नगर कॉलोनी इलाके में बाढ़ का जलस्तर देखने गए, आपस में सेल्फी फोटोज लेते समय पैर स्लिप हो गया और पत्नी व पुत्री पानी के बहाव में बह गए। प्रो गुप्ता ने हाथ पकड़कर खींचने का यत्न किया परन्तु नहीं रोक पाये वे स्वयं डूब रहे तो आसपास के लोगों ने उनका हाथ खींचा और बचाया।  पत्नी और पुत्री की मौत हो गई। पुत्री का शव घटना स्थल से 350 मीटर दूरी पर मिला। शव जिला अस्पताल लाया गया है। ग्राम बड़वन में भी एक ग्रामीण की मृत्यु हुई है।

गत दिनों राजस्व मंत्री गोविंद राजपूत हवाई सर्वे कर गए थे। राहत की बात कही थी, कुछ पीड़ितों को राहत नहीं मिली पर नई समस्या खड़ी हो गई है।

ग्राम निम्बोद, दलौदा, भावगढ़, बेपुर, बानीखेड़ी, धमनार, सरसौद, सीतामऊ, क्यामपुर, डिगाव, तितरोद, टिगरिया, अलावदाखेड़ी, भूखी, सहित सैंकड़ों गांवों में जलभराव हो गया है। ग्रामीण व पशुओं को भारी परेशानी हो रही है। खेतों में 4 इंच से 16 इंच तक बाढ़ का पानी भर गया है। विधुत आपूर्ति ठप है।

इधर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने प्रभावित स्थानों का भ्रमण किया और आक्रोश जताया कि जिले में आपदा प्रबंधन कार्य योजना पूरी तरह ध्वस्त है। कोई बढ़ते जलस्तर से बचाव के उपाय नहीं कर रहा। नालों नदियों के मौके पर नाव और गोताखोरों की व्यवस्था जुटाने में ही 4 से 5 घण्टे लग गए। आपने शासन से मांग की है कि पीड़ितों और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाय।

भाजपा जिला झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ अध्यक्ष प्रसून मंडलोई ने आरोप लगाया है कि पहले के पीड़ितों को राहत नहीं मिल पाई, दो सप्ताह से लोग भटक रहे हैं। हाल की लगातार बरसात ने मुश्किलें और बढ़ा दी है। आपदा व्यवस्था चौपट है। बाढ़ में डूबे लोग मकानों से मदद की गुहार कर रहे हैं।

प्रशासन का कहना है राहत और बचाव कार्य जिले में जारी है। पीड़ितों को शिविरों में रखा गया है।

 

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