
11 करोड का लोन, 3.57 करोड की चपत: यशास FRP पर BOB और औद्योगिक निगम से धोखाधड़ी की FIR
INDORE : बैंक ऑफ बडौदा और म.प्र. औद्योगिक केन्द्र विकास निगम के साथ करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। यशास एफ.आर.पी. मैन्युफैक्चरिंग एलएलपी एवं इसके संचालकों के विरुद्ध 3 करोड 57 लाख 95 हजार 442 रुपये की धोखाधड़ी और ऋण के दुरुपयोग के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
● 2013 से 2015 के बीच 11.05 करोड का ऋण स्वीकृत
जानकारी के अनुसार यशास एफ.आर.पी. मैन्युफैक्चरिंग एलएलपी ने बैंक ऑफ बडौदा की सियागंज शाखा से वर्ष 2013 से 2015 के दौरान टर्म लोन, वर्किंग कैपिटल, कैश क्रेडिट और एक्सपोर्ट पैकेजिंग क्रेडिट के रूप में कुल 11.05 करोड रुपये का ऋण प्राप्त किया था। यह ऋण व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन के लिए स्वीकृत किया गया था।
● व्यापार में उपयोग के बजाय नगद आहरण और अवैधानिक अंतरण
जांच में पाया गया कि 16.12.2013 से 31.03.2016 की अवधि में कंपनी द्वारा कैश क्रेडिट खाते से बड़ी मात्रा में नगद आहरण किया गया। ऋण की राशि प्रमोटर्स के खातों एवं अन्य फर्मों में अंतरित की गई और ऋण स्वीकृति की शर्तों के अनुसार व्यापारिक उपयोग नहीं किया गया।
● निर्यात के नाम पर 2.95 करोड, लेकिन कोई एक्सपोर्ट नहीं
बैंक जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि निर्यात के लिए स्वीकृत 2.95 करोड रुपये की राशि के विरुद्ध किसी भी प्रकार का निर्यात नहीं किया गया, जिससे बैंक को आर्थिक क्षति हुई।
● बंधक मशीन बिना अनुमति बेच दी गई
टर्म लोन से क्रय की गई सीएनसी स्ट्रक्चरल एफ.आर.पी. एक्सट्रूडर मशीन, जो बैंक के पास बंधक थी, उसे बैंक की अनुमति के बिना विक्रय कर दिया गया। मशीन के विक्रय से प्राप्त राशि भी बैंक के ऋण पुनर्भुगतान खाते में जमा नहीं की गई।
● अन्य बैंकों में खाते खोलकर नियमों का उल्लंघन
आरोप है कि ऋण स्वीकृति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए आरोपियों ने बैंक ऑफ बडौदा को बिना सूचित किए अन्य बैंकों में करंट खाते खोलकर ऋण राशि का अवैधानिक अंतरण किया।
● औद्योगिक निगम को भी आर्थिक नुकसान
यशास एफ.आर.पी. मैन्युफैक्चरिंग एलएलपी द्वारा म.प्र. औद्योगिक केन्द्र विकास निगम इंदौर से भूमि आवंटन के बाद 4,95,442 रुपये की लीज रेंट जमा नहीं की गई, जिससे निगम को आर्थिक क्षति पहुंची।
● फॉरेन्सिक ऑडिट में 3.57 करोड की कुल क्षति उजागर
फॉरेन्सिक ऑडिट एवं संबंधित विभागों से प्राप्त जानकारी के परीक्षण में बैंक ऑफ बडौदा को 3.53 करोड रुपये तथा म.प्र. औद्योगिक केन्द्र विकास निगम को 4,95,442 रुपये की क्षति होना पाया गया। कुल मिलाकर 3,57,95,442 रुपये की आर्थिक क्षति सामने आई है।
● इन पर दर्ज हुआ मामला
प्राथमिक जांच के आधार पर मेसर्स यशास एफ.आर.पी. मैन्युफैक्चरिंग एलएलपी, इसके संचालक संजय गुप्ता पिता रामप्रकाश गुप्ता और शालिनी गुप्ता पति संजय गुप्ता के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 409, 420 एवं 120-बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।





