चाकू से हमला करने वाले 2 लोगों को 3 वर्ष का सश्रम कारावास, दुसरे पक्ष को न्यायालय उठने तक की सजा!

न्यायालय ने दोनों पक्षों पर अर्थदंड भी लगाया!

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चाकू से हमला करने वाले 2 लोगों को 3 वर्ष का सश्रम कारावास, दुसरे पक्ष को न्यायालय उठने तक की सजा!

Ratlam : अष्टम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने 2 पक्षों में हुएं विवाद में एक पक्ष द्वारा चाकू से जानलेवा हमला करने के मामले में 2 लोगों को 3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई वहीं इस पक्ष ने भी दुसरे पक्ष पर मारपीट करने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में न्यायालय ने 2 लोगों को कोर्ट उठने तक की सजा दी। न्यायालय ने पहले पक्ष के दोनों आरोपियों पर 4-4 हजार का अर्थदंड लगाया हैं वहीं दूसरे पक्ष के 2 लोगों पर 2-2 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है।

 

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि रविदास चौक निवासी धनराज उर्फ धन्नालाल ने 4 मार्च 2020 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मैं टेलरिंग का काम करता हूं दोपहर में पड़ोसी पंकज उर्फ गोलू पिता इश्वरदास आया और गालियां देने लगा और बोला कि मेरी जगह पर टेलर की गुमटी क्यों लगा रखी है तभी वहां भगवानदास आया और बोला कि इसकी दादागिरी उतार देता हुं फिर पंकज और भगवानदास दोनों मेरे घर में घुस गए और और लातों और घुंसो से मारपीट की थी भगवानदास ने चाकू से मेरी पीठ एवं सीधे हाथ के कंधे पर मारा जिससे खुन निकलने लगा था। इस दौरान मेरा भाई दिनेश बचाव करने आया तो पंकज ने दिनेश को चाकू से बांएं पैर की जांघ व कमर में मारा था जिससे खुन निकलने लगा था आसपास के लोगों ने बचाया था उन्होंने जान से मारने की धमकी दी थी।

 

अपने दोस्त के साथ मिलकर एक युवक पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने के मामले में पुलिस ने आरोपी भगवान दास को गिरफ्तार करते हुए चाकू जप्त किया और पंकज को 13 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया और फरियादी की सूचना पर थाना माणकचौक में अपराध क्रमांक 84/2020 अंतर्गत धारा 452, 324, 323, 294, 506, 34 भादसं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर प्रकरण अनुसंधान में लिया गया और अभियुक्त भगवान को गिरफ्तार किया जाकर उससे घटना में प्रयुक्त किया गया। स्टील का चाकू जब्त किया गया। डॉक्टर द्वारा चोटें को प्राणघातक होना बताया गया। इस पर मामले में धारा 307 भादंसं का इजाफा किया गया। अन्य अभियुक्त पंकज उर्फ गोलू फरार होने से उसके विरूद्ध धारा 173 (8) दप्रसं के अंतर्गत अन्वेषण जारी रखते हुए अभियुक्त भगवान भारती के विरूद्ध अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया तथा अभियुक्त पंकज उर्फ गोलू को 13 अगस्त 2020 को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू घटना स्थल के पास नाले में फेंकना बताया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ न्यायालय में केस पेश किया। दुसरे पक्ष के पंकज ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरी मां की अस्पताल में नोकरी होने की वजह से मैं जावरा में रहता हूं।

 

4 मार्च 2020 को पता चला कि घर की कुंडी, दरवाजा खुले हैं यह देखकर मैंने मेरे काका धन्ना और दिनेश से पूछा कि दरवाजा कैसे खुला और किसने खोला तो दोनों ने मिलकर मेरे साथ हाथापाई की। धन्ना ने मुझे पकड़ा और दिनेश ने टॉमी सिर पर मारी जिससे बाईं आंख के उपर चोट लगी और खुन निकलने लगा जीजा भगवानदास बचाने गए तो दोनों ने मिलकर उन्हें भी टॉमी से मारा। मामले में न्यायाधीश निर्मल मंडोरिया ने एक पक्ष के भगवान पिता मदनलाल तथा पंकज पिता ईश्वर को आईपीसी की धारा 326/34 में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं धारा 323/34 में 3 माह के सश्रम कारावास तथा 4-4 हजार रुपए जुर्माना लगाया। वहीं दुसरे पक्ष के आरोपी धन्नालाल तथा दिनेश को आईपीसी की धारा 323 में न्यायालय उठने तक की सजा व 2-2 हजार रुपए अर्थदंड लगाया, प्रकरण मे पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान द्वारा की गई!