
राज्य वन सेवा के 20 अधिकारी बने IFS, केंद्र ने जारी की अधिसूचना
दागी नहीं बन पाए IFS, रनसोरे, सिरसाम और मरावी नोटिफिकेशन से आउट
गणेश पांडे की विशेष रिपोर्ट
भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य वन सेवा के 20 अधिकारियों को IFS अवार्ड हो गया है। इस संबंध में केंद्र ने अधिसूचना जारी कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिसूचना लिस्ट में दागी अफसर को स्थान नहीं मिल पाया है। इनमें प्रमुख रूप से
रनसोरे, सिरसाम और मरावी शामिल है जो नोटिफिकेशन से आउट है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार छह महीने बाद भारत सरकार ने राज्य वन सेवा के 20 अधिकारियों को भारतीय वन सेवा के मप्र कैडर में आवंटित किया। इनमें राज्य वन सेवा के तीन दागी अधिकारियों के नाम नोटिफिकेशन लिस्ट से आउट कर दिया है। जबकि राज्य शासन ने आधी-अधूरी जानकारी देखकर आईएफएस के लिए सिफारिश की थी। यही नहीं, बल्कि उनकी प्रभारी डीएफओ के रूप में पोस्टिंग कर दी है।

भारत सरकार ने गुरुवार का जारी आदेश प्रदेश राज्य वन सेवा के ’20 (बीस)’ अधिकारियों को चयन समिति द्वारा 9 अक्टूबर 25 को आयोजित बैठक में 2023 और 2024 की चयन सूचियों में उनके नाम शामिल किए जाने के आधार पर तत्काल प्रभाव से भारतीय वन सेवा में मध्य प्रदेश कैडर में आवंटित किया है। इसमें बालाघाट में हुए टाइगर शिकार के मामले में विवादित SDO बीआर सिरसाम, धार में आर्थिक गड़बड़ी करने के मामले लिप्त संतोष कुमार रन्सोरे और छिपीखपा कटाई कांड में शामिल मान सिंह मरावी IFS नहीं बन पाए। इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ समय-समय खबरें प्रकाशित होती रही है।
गंभीरजनक पहलू यह है कि वन विभाग के शीर्ष नेतृत्व ने सिरसाम, रनसोरे और मरावी के मामले में तथ्यों को छुपाते हुए उन्हें आईएफएस बनाने के लिए प्रस्तावित किया था।
इनके नाम का हुआ नोटिफिकेशन
केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश के तहत 2023 बैच के आईएफएस सूची में माधव सिंह मौर्या, ज्योति मुड़िया हरीश चंद बघेल, शीतल प्रसाद शाक्य, भानु प्रकाश बाथमा, राम किशन सोलंकी, रेशम सिंह ध्रुवे, सुन्दर दास सोनवानी और 2024 बैच के विद्याभूषण मिश्रा, राजवेन्द्र मिश्रा, अनुभा त्रिवेदी, जया पाण्डेय, मुकेश पटेल, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, मनोज कुमार सिंह, लाल बहादुर सिंह, शिको राही विजेंद्र खोबरागड़े भारत सोलंकी के नाम है।





