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इसके बाद टीआई ने सीनियर अफ़सरों को इस घटना की सूचना दी। जब नंबर की लोकेशन निकाली गई, तो वह फोन करने वाले की लोकेशन भोपाल में मिली। यह जानकारी इंदौर पुलिस कमिश्नर को भी दी गई, तो उन्होंने संज्ञान लेते हुए नकली पुलिस कमिश्नर को पकड़ने के आदेश दिए। इंदौर से टीम भोपाल पहुंची और आरोपी की लोकेशन ट्रेस करके उसे पकड़कर इंदौर लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ओम पिता प्रदीप सोनी निवासी गुलमोहर ईश्वर नगर भोपाल बताया।
उससे जब पूछा गया कि उसने ऐसा क्यों किया, तो उसने बताया कि वो पुलिस का रिस्पांस टाइम चेक करना चाह रहा था। इस कारण उसने इस पूरी घटना को अंजाम दिया। थाना प्रभारी को भी यह समझ नहीं आया था कि फर्जी पुलिस कमिश्नर बात कर रहे हैं, क्योंकि युवक ने इंदौर पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर के कई वीडियो यूट्यूब पर देखे थे और उन्हें ही कॉपी करके थाना प्रभारी को फोन लगाया। पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। उसका जब्त मोबाइल भी डाटा रिकवरी के लिए भेजा गया। आशंका है कि उसने कुछ और थानों के प्रभारियों को फोन किए होंगे।