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पति द्वारा प्रस्तुत उक्त आवेदक को परिवार न्यायालय द्वारा अस्वीकार कर दिया गया, जिससे व्यथित होकर पति द्वारा अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में परिवार न्यायालय के उक्त आदेश को चुनौती दी। इसमें पति के अधिवक्ता के तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने परिवार न्यायालय को उभय पक्षों की सुलह वार्ता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाने के लिए निर्देशित किया है।