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Pashupati Nath Temple: मंदसौर के पशुपति नाथ के मुख में दरार होने की आशंका,BJP के पूर्व MLA ने CM को सोशल मीडिया से कहा- रोका जाए क्षरण 

Pashupati Nath Temple: मंदसौर के पशुपति नाथ के मुख में दरार होने की आशंका,BJP के पूर्व MLA ने CM को सोशल मीडिया से कहा- रोका जाए क्षरण 

मंदसौर:मंदसौर के भगवान पशुपति नाथ महादेव मंदिर में श्रावण मास में पूजा-अर्चना और अभिषेक के बीच में यह खबर आ रही है कि पशुपति नाथ के ऊपर वाले मुख पर दरार पड़ रही है। इस संबंध में यहां के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता यशपाल सिंह सिसौदिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सोशल मीडिया एक्स के जरिए जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बनाकर शरण को रोका जाए।

आज से शुरू हुए श्रावण मास और माह के पहले सोमवार पर मंदसौर में भी भगवान पशुपति नाथ महादेव के मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। देश के कई हिस्सों से यहां पर सोमवार को श्रद्धालु पहुंचे हैं।

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इस बीच ही पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने सोशल मीडिया पोस्ट पर भगवान पशुपतिनाथ की अष्टमुखी प्रतिमा को लेकर एक पोस्ट की है। यह पोस्ट उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी टेग की है।

इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि ‘श्रद्धा, भक्ति और आस्था का केंद्र भगवान पशुपतिनाथ महादेव की दिव्य एवं नययाभिराम अष्टमूर्ति प्रतिमा दशपुर की नगरी मंदसौश्र में विराजित है। आशंका जताई जा रही है और संभावनाएं बताई जा रही है कि प्रतिमा के मुख पर दरार पड़ रही है। यदि ऐसा है तो तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बनाकर जानकारों से सलाह लेकर प्रतिमा के शरण को रोका जाए।’

 

 *औरंगाबाद के कारीगरों भी आ चुके हैं* 

इससे पहले भी भगवान परशुराम की प्रतिमा का शरण हो रहा था, तब यहां के तत्कालीन कलेक्टर जीके सारस्वत ने औरंगाबाद से कारीगरों को बुलाकर प्रतिमा के कुछ हिस्से को ठीक करवाया था। अब फिर से प्रतिमा को नुकसान नहीं हो इसकी मांग उठने लगी है।

 *नहीं जा सकेंगे श्रद्धाुल गर्भगृह में* 

मंदिर समिति के अनुसार, सावन माह के दौरान सोमवार के दिन अधिक भीड़ होने पर श्रद्धालुओं को गर्भगृह के बाहर से ही दर्शन करना पड़ेंगे। बचे हुए दिनों में कम संख्या होने के चलते दर्शनार्थी गर्भगृह के अंदर जाकर दर्शन कर सकेंगे। सावन के महीने में मंदिर में आकर्षक विद्युत साज सज्जा की गई है वही बारिश के समय भक्तों को कष्ट न हो इसके लिए वाटर प्रूफ टेंट लगाए गए हैं। मंदिर के गर्भगृह में लगे चांदी के यंत्रों की सफाई की जा चुकी है।