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घटना के अनुसार, 10 सितंबर को आर्मी के दो ट्रेनी अफसर अपनी दो महिला मित्रों के साथ फायरिंग रेंज में देर रात रुके थे। कार में बैठकर म्यूजिक सुन रहे थे। तभी 6 बदमाशों ने घेर लिया। मारपीट कर एक आर्मी अफसर और एक महिला को 10 लाख रुपए लाने के लिए छोड़ दिया। अन्य आर्मी अफसर और उसकी महिला मित्र को बंधक बना लिया। यहां महिला मित्र को अलग झाड़ियों में भी ले गए। यहां उससे गैंगरेप की आशंका जताई गई थी।
मास्टर माइंड शराब दुकान का कर्मचारी
इस घटना का मास्टर माइंड अनिल एक शराब दुकान पर काम करता था। वह जब 10 सितंबर की रात वहां से जा रहा था तो म्यूजिक सुन रुका। देखा तो आर्मी से जुड़े अफसर महिला मित्रों के साथ कार में थे। अनिल ने साथियों को फोन कर कहा था कि मामला अच्छा फंसा है, बढ़िया दांव हो जाएगा, आ जाओ। सूत्रों के अनुसार, अनिल मानपुर क्षेत्र में मुखबिरी करता रहा है।
आर्मी अफसर आरोपियों को ढूंढ़ रहे थे
पकडे गए दो आरोपियों ने वारदात कबूल कर ली। आरोपियों ने आर्मी के अफसरों और महिला मित्रों से लूटे गए रुपए आपस में बांट लिए थे। सोने की चेन छिपा दी थी। पुलिस अब लूटा गया सामान जब्त करने की कोशिश कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सेना के अफसर भी थाने पहुंचे। सुरक्षा के लिए आरोपियों को बड़गोंदा थाने पर नहीं रखा गया।
इस घटना से आर्मी की एक टाेली नाराज है। इसके चलते गुरुवार रात को वह बड़गौंदा के पुराने थाने तक पहुंच गई थी लेकिन यहां उन्हें कोई नहीं मिला। बाद में सैन्य पुलिस के आने की सूचना देख सभी ट्रेनी आर्मी अफसर यहां से तुरंत वापस अपनी यूनिट में लौट गए थे।
10 लाख की डिमांड की
बदमाशों ने सैन्य अफसरों और उनकी महिला मित्रों को घेर लिया। रितेश के पास पिस्टल थी। इसे देखकर सैन्य अफसरों ने कहा कि जो चाहे ले लो, लेकिन कोई हरकत मत करना। अनिल और रितेश के मन में लालच आ गया, उन्हें लगा कि बड़ा काम हो सकता है। इस पर उन्होंने दस लाख रुपए की डिमांड कर दी।