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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गाय का घी अमृत तुल्य होता है, लेकिन पश्चिमी देशों को देखकर भारत में भी देशी घी की अपेक्षा मक्खन का प्रयोग बढ़ता जा रहा है। कोरोनाकाल में गाय से बने उत्पादों और आयुर्वेद की महत्ता बहुत बढ़ी है। हर नगर निगम में पांच से दस हजार क्षमता वाली गौशालाओं का निर्माण कराकर उनका खर्च नगर निगम को उठाने की व्यवस्था की है। गोवर्धन पूजा सरकार स्तर पर आयोजित कर समाज को प्रकृति और गोसंरक्षण से जोडऩे का कार्य किया जा रहा है। गोवर्धन पूजा सनातन काल से चली आ रही है। गोवर्धन पूजा प्रकृति व परमात्मा से जोड़ने का कार्य करती है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर सभी की रक्षा की, यहीं से गोवर्धन पूजा की शुरुआत हुई। परमात्मा, माता-पिता के बाद गौ माता हम सभी के लालन-पालन में सबसे अधिक योगदान है।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति की पूजा है। आज पूरे मध्यप्रदेश में सार्वजनिक रूप से गौपूजन के कार्यक्रम हुए हैं। इस पूजा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश व देश के अंदर एक नया स्वरूप दिया है, इसके लिए मैं मुख्यमंत्री को बधाई देता हूं। आज मंच पर बड़ी संख्या में गौशालाओं के गोसेवक व संतजन उपस्थित हैं, जो मध्यप्रदेश के अंदर गोसेवा के रूप में अपनी बेहतर भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के अंदर संस्कृति से लेकर के हमारे पर्वों को एक महत्वपूर्ण स्थान देने का काम किया किया जा रहा है। इस गोवर्धन पूजा के माध्यम से आज संस्कृति व प्रकृति को बचाने का संदेश दिया गया है। यह एक अभिनव प्रयोग है। आज इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम भाई-बहन भी आए हैं, जो गोसेवा का कार्य करते हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, किसानों को तो क्रेडिट कार्ड मिलता ही है, लेकिन अब गोवंश पालने वालों को भी क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा, ताकि वे गोवंश के पालन के लिए रुपयों का इंतजाम कर सकें। 10 से ज्यादा गोवंश पालने वालों को विशेष अनुदान दिया जाएगा। नगर निगम क्षेत्र में 5 से 10 हजार गोवंश के पालन के लिए जो भी खर्च आएगा, उसका प्रबंध राज्य सरकार करेगी। गोवंश वध पर 7 साल की कैद के प्रावधान को लेकर भी सरकार सख्त है।
खैर गौवंश के प्रति सम्मान सनातनी परंपरा की जान है। मुख्यमंत्री के इस अभिनव प्रयोग की सफलता सुनिश्चित हो और हर नागरिक गौवंश के प्रति सम्मान से भरकर उनके संरक्षण का संकल्प ले। क्योंकि बिना जन सहभागिता के कोई भी संकल्प फल फूल नहीं सकता। गोवर्धन पूजा को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश व देश के अंदर एक नया स्वरूप दिया है और अब गोवंश के वर्धन की सोच सच हो…तभी गोवर्धन पूजा अपने उद्देश्य को पूरा कर सकेगी…।