
Answer on EWS Exemption : UPSC में EWS को आयु में छूट और 9 अटेम्प्ट के हाई कोर्ट के अंतरिम फैसले पर आयोग का जवाब दाखिल!
Jabalpur : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) कैटेगरी के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में 5 साल की छूट और परीक्षा के 9 अटेप्प्ट देने का अंतरिम फैसला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सुनाया था। अब इस पर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने हाईकोर्ट को अपना जवाब दिया है। आयोग ने कहा कि कार्मिक मंत्रालय की गाइडलाइन में ईडब्लयूएस को अन्य रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों के बराबर छूट देने का प्रावधान नहीं है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इससे पहले 14 फरवरी ईडब्लयूएस कैटेगरी के उम्मीदवारों को यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का अंतरिम आदेश जारी किया था। जिस तरह की छूट एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग उम्मीदवारों को मिलती है। साथ ही ईडब्ल्यूएस कैंडिडेट को यूपीएससी में 9 बार बैठने का मौका भी देने का आदेश दिया था।
24 फरवरी को अगली सुनवाई
मंगलवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि ओबीसी उम्मीदवारों को दिया जाने वाला आरक्षण आर्थिक आधार पर भी है। क्योंकि, क्रीमी लेयर में आने वालों को कोटे का लाभ नहीं मिलता। उन्हें आयु सीमा में 3 साल की छूट दी जाती है, जबकि एससी/एसटी उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में 5 साल की छूट मिलती है। मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 24 फरवरी तक स्थगित करते हुए सभी पक्षों को तब तक लिखित रूप में अपनी दलीलें पेश करने का निर्देश दिया।
यह हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश
14 फरवरी के अंतरिम आदेश में, हाईकोर्ट ने यूपीएससी को निर्देश दिया था कि वह ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की छूट के साथ सिविल सेवा परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की अनुमति दे। साथ ही उन्हें अन्य आरक्षित वर्गों के उम्मीदवारों की तरह 9 प्रयास भी करने की अनुमति दे। हालांकि पीठ ने कहा कि इन उम्मीदवारों के रिजल्ट अदालत के अंतिम फैसले के अधीन होंगे। याचिकाकर्ता आदित्य नारायण पांडे और 15 अन्य यूपीएससी उम्मीदवारों ने सवाल उठाया है कि ईडब्ल्यूएस आवेदकों को अन्य आरक्षित वर्गों की तरह आयु में छूट और प्रयासों की संख्या में समान लाभ क्यों नहीं मिलता।





