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Study Abroad Scholarship Scheme : विदेश अध्ययन स्कॉलरशिप योजना में भारी गड़बड़ी, अपात्रों को लाभ!

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Study Abroad Scholarship Scheme : विदेश अध्ययन स्कॉलरशिप योजना में भारी गड़बड़ी, अपात्रों को लाभ!

शिकायत ईओडब्ल्यू के पास पहुंची, कोर्स साल का, स्कालरशिप दो साल के लिए ली!

Indore : विदेश के अध्ययन के लिए शासन की स्कॉलरशिप योजना संचालित होती है। योजना में करोड़ों का घपला उजागर होने के बाद मामला ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) तक पहुंच गया। इंदौर के आरटीआई एक्टिविस्ट ने अपनी शिकायत में अफसर, अपात्र स्टूडेंट्स और स्कॉलर माफिया के खिलाफ सबूत सौंपे। उन्होंने कहा कि विदेशी यूनिवर्सिटी में चल रहे एक साल के कोर्स को 2 साल का बताकर छात्र-छात्रा के नाम से 26 लाख से अधिक का आर्थिक नुकसान शासन को पहुंचाया गया। शिकायतकर्ता ने एसटीएफ भोपाल और इकाई इंदौर के साथ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है।

अंकुश जैन के एडवोकेट कृष्णकुमार कुन्हारे के अनुसार, छात्रवृति योजना 2007 को लेकर शिकायतकर्ता के पास उपलब्ध आर्थिक अनियमितताओं एवं घोटालों के दस्तावेजी सबूतों के आधार पर सीएम को संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। ईओडब्ल्यू को की गई शिकायत में बताया गया कि शासन द्वारा पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृति योजना नियम 2007,जो कि पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग भोपाल द्वारा जारी की गई थी।
इसमें विदेशों में अध्ययन के लिए जाने वाले छात्रों को स्कालरशिप दिया जाना निर्धारित था। योजना के तहत 500 क्यूएस रैंकिंग तक की ही विदेशी यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप प्रदान की जाना एवं जितने वर्ष का कोर्स हो, उतने वर्ष की ही स्कालरशिप देना जाना निर्धारित है। लेकिन, योजना को लेकर संगठित स्कालरशिप माफियाओं द्वारा किए जा रहे घोटाला की जानकारी मिलने पर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी निकाली गई।

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आवेदन शॉर्टलिस्ट किए

शिकायतकर्ता को जानकारी मिली की शासन की विज्ञप्ति के बाद किए जाने वाले ऑनलाइन आवेदन पत्रों में से शॉर्टलिस्ट किए जाने वाले छात्र-छात्राओं का इंटरव्यू सिलेक्शन कमेटी द्वारा लिया जाता है। इसके बाद पात्र छात्र-छात्राओं को लाभ दिया जाता है। आवेदन एवं दस्तावेजों की प्रक्रिया पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से होकर गुजरती है। इसमें छात्र द्वारा जिस विदेशी यूनिवर्सिटी का ऑफर लेटर एवं जितने वर्ष का कोर्स हो, संलग्न होते हैं।

500 रैंकिंग तक छात्रवृत्ति

यदि यूनिवर्सिटी के ऑफर लेटर में एक वर्ष का कोर्स हो तो शासन द्वारा छात्र को एक वर्ष की स्कालरशिप दी जाती है। 500 रैंकिंग तक ही स्कालरशिप दी जाती है। लेकिन, शिकायतकर्ता को दस्तावेजों से पता चला कि जिस छात्र ने एक वर्ष का हैरियट वार्ट यूनिवर्सिटी दुबई में कोर्स की डिटेल का ऑफर लेटर लगाया था, उसे एक वर्ष के स्थान पर दो वर्ष की स्कालरशिप कुल 26,99,763 रुपए दिए। एक अन्य छात्रा को भी यूनिवर्सिटी ऑफ कनाडा के पास क्यूएस रैंकिंग न होने के बाद भी यूनिवर्सिटी के लिए 16 लाख रुपए की स्कालरशिप दी गई।

नहीं होता दस्तावेजों का परीक्षण

इससे स्पष्ट है कि विदेशी यूनिवर्सिटी के एक वर्ष के कोर्स के बदले छात्र दो वर्ष स्कालरशिप ले रहे हैं। दस्तावेजों का निरीक्षण नहीं करते हुए स्कालरशिप देने वाले अधिकारी एवं स्कालरशिप लेने वाले छात्र छात्रा भी घोटाले में शामिल हैं, जिसे लेकर लंदन, यूके, दुबई, मलेशिया यूनिवर्सिटी को लेकर कुछ अपात्र छात्र-छात्राओं ने शासन को करोड़ों का चूना लगाया है।