Breath Returned, but Did not Survive : एंबुलेंस उछलने से जिस बुजुर्ग महिला कि सांसे लौटी, आज वो अनंत यात्रा पर चली गई!

इंदौर में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, एम्बुलेंस से लाते समय सांसे लौटी, 4 दिन कोमा में रहीं!  

1037

Breath Returned, but Did not Survive : एंबुलेंस उछलने से जिस बुजुर्ग महिला कि सांसे लौटी, आज वो अनंत यात्रा पर चली गई!

खाचरौद से ऋतुराज बुड़ावनवाला की रिपोर्ट

Khachroud (Ujjain) : यहां की एक बुजुर्ग महिला अयोध्या बाई को ब्रेन हेमरेज के बाद इंदौर ले जाया गया था। ऑपरेशन के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और महिला को मृत घोषित कर दिया गया। जब महिला का शव गांव लाया जा रहा था, तो इंदौर-उज्जैन के बीच धरमपुरी में एक स्पीड ब्रेकर पर एम्बुलेंस उछली और इस झटके के कारण महिला का शव भी उछला और उसकी सांसें लौट आई। लेकिन, वे पूरी तरह होश में नहीं आई और 4 दिन तक कोमा में रहने के बाद आज सुबह अयोध्या बाई का निधन हो गया।

यह पूरा मामला उज्जैन जिले के खाचरोद क्षेत्र का है, जहां की अयोध्या बाई (75) की तबीयत 20 अगस्त को अचानक खराब हो गई थी। अयोध्या बाई के बेटे इलाज के लिए उन्हें तुरंत इंदौर के अरविंदो हॉस्पिटल में ले गए, जहां पता चला था कि अयोध्या बाई को ब्रेन हैमरेज हुआ है। इस बात की जानकारी लगने के बाद परिजनों ने अयोध्या बाई का ऑपरेशन करवाया। लेकिन, ऑपरेशन के बाद भी डॉक्टर अयोध्या बाई को बचा नहीं सके और उसे मृत घोषित कर दिया।

महिला की मौत की खबर लगते ही परिजनों ने अंतिम यात्रा की सोशल मीडिया पर सूचना पोस्ट कर दी। घर पर अंतिम यात्रा की सभी तैयारियां कर ली गई। घर पर माहौल पूरी तरह गमगीन था। लेकिन, इस बीच कुछ ऐसा चमत्कार हुआ कि अयोध्या बाई के सांसे लौट आई।

अयोध्या बाई के बेटे दिनेश का कहना है कि हम मां को मृत समझकर उनके मृत शरीर को उज्जैन जिले के खाचरोद स्थित निवास पर ला रहे थे। तभी अरविंदो हॉस्पिटल से गांव की ओर आते समय धरमपुरी के स्पीड ब्रेकर पर मां की बॉडी ऐसी उछली कि अचानक झटका लगने से मां की सांसें अचानक चलने लगीं। अयोध्या बाई के प्राण वापस आने की जानकारी लगते ही पूरा परिवार ही नहीं, पूरे समाज और गांव के लोग अयोध्या बाई को नवजीवन मिलने पर खुश नजर आए।

सोशल मीडिया पर समाज के सभी ग्रुप में अयोध्या बाई के निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में समाज के लोग अयोध्या बाई के घर पहुंच गए थे। अंतिम संस्कार के लिए सामग्री लाने से लेकर अंतिम संस्कार की सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं, लेकिन इन सबके बीच अयोध्या बाई के फिर से जीवित होने की जानकारी लोगों को मिली और वह खुशी-खुशी फिर अपने घर लौट गए। लेकिन, कोमा में चली गई अयोध्या बाई का आज निधन हो गया। लोगों का कहना है कि शायद भगवान को आज हरतालिका तीज का दिन ही इस महिला की शरणागति के लिए तय किया था।