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आज, यह पहल देशभर में सामूहिक भागीदारी, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य का प्रतीक बन चुकी है।
**श्रद्धांजलि और संकल्प**
कार्यक्रम के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके अंत्योदय के सिद्धांतों को दोहराते हुए संकल्प लिया गया कि समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाई जाएगी।

साथ ही उपस्थित नागरिकों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की सफाई करते हुए यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
**जनभागीदारी का आह्वान**
आयोजकों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर देशभर में चल रहे सेवा पखवाड़े के तहत यह अभियान स्वच्छता के साथ-साथ सेवा, सहयोग और सामूहिक विकास की भावना को मजबूत करता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सभी लोग स्वच्छ, स्वस्थ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
