Khandwa RTO और BJP नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक: तू-तड़ाक पर भड़के आरटीओ, बोले- FIR करवा दूंगा

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Khandwa RTO और BJP नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक: तू-तड़ाक पर भड़के आरटीओ, बोले- FIR करवा दूंगा

Khandwa: मध्य प्रदेश के खंडवा में गुरुवार को आरटीओ और भाजपा नेताओं के बीच हुई बहस ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया। ओवरलोड डंपर पर हुई कार्रवाई के बाद शुरू हुआ विवाद तब तूल पकड़ गया जब बातचीत के दौरान BJP नेता द्वारा “तू-तड़ाक” किए जाने पर आरटीओ कार्यालय ने नाराज होकर शासकीय कार्य में बाधा डालने पर एफआईआर कराने की चेतावनी दे डाली।

गुरुवार सुबह खंडवा आरटीओ दीपक माझी ने भाजपा नेता राकेश बंसल के स्वामित्व वाले डंपर पर ओवरलोडिंग की कार्रवाई करते हुए चालान बनाया।

इसी कार्रवाई से नाराज बंसल ने आरोप लगाया कि आरटीओ विभाग शहर में चलने वाले सभी डंपर चालकों से प्रति वाहन दो हजार रुपये माहवारी वसूलता है। उनका कहना था कि जब उन्होंने यह राशि देने से इंकार किया, तब उनके डंपरों को लगातार टारगेट किया जा रहा है।

इस कार्रवाई के विरोध में भाजपा नेता मुकेश तनवे अपने समर्थकों के साथ पंधाना रोड पर धर्मकांटे के पास पहुंच गए और सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान विधायक पति मुकेश तनवे, भाजपा महामंत्री धर्मेंद्र बजाज और राकेश बंसल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

‘तू-तड़ाक’ पर भड़के आरटीओ

प्रदर्शन के दौरान नेताओं और आरटीओ के बीच बहस तेज हो गई। बातचीत के दौरान जब एक भाजपा नेता ने आरटीओ को ‘तू’ कह दिया तो दीपक माझी उखड़ गए और कहा— “तू-तड़ाक मत कीजिए, मैं शासकीय कार्य में बाधा डालने की एफआईआर करवा दूंगा।” इस पर भाजपा नेता भी भड़क गए और कहा कि यदि विभाग वसूली कर रहा है तो हम भी विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान दोनों पक्षों में नोकझोंक जारी रही, माहौल कई बार तनावपूर्ण भी हो गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें नेताओं और आरटीओ के बीच की तीखी बहस साफ सुनाई देती है।

प्रशासनिक स्थिति और राजनीतिक तापमान

मामला भले ही डंपर के चालान से शुरू हुआ हो, लेकिन यह अब प्रशासनिक कार्यशैली और राजनीतिक प्रभाव के टकराव का उदाहरण बन गया है। आरटीओ विभाग का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह नियम अनुसार की गई है। वहीं भाजपा नेताओं का आरोप है कि जो नेता विभागीय वसूली के खिलाफ आवाज उठाते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है।

आगे की स्थिति

घटना के बाद शहर में काफी चर्चा रही और संभावना जताई जा रही है कि प्रशासन अब इस पूरा मामले की रिपोर्ट तैयार करेगा। राजनीतिक स्तर पर भी विभिन्न दल अपने -अपने तरह से इसे उठा रहे हैं। आरटीओ की एफआईआर की चेतावनी और भाजपा नेताओं के आरोपों के बीच यह विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक मंच पर भी गूंज रहा है।