Cruise on the Ganges: वाराणसी के घाट पर क्रूज पर मंडराया हेलीकॉप्टर, मॉक ड्रिल के तहत क्रूज पर उतरे एनएसजी कमांडो।

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Cruise on the Ganges: वाराणसी के घाट पर क्रूज पर मंडराया हेलीकॉप्टर, मॉक ड्रिल के तहत क्रूज पर उतरे एनएसजी कमांडो।

वाराणसी : सर्द‍ियों में रव‍िवार की सुबह जब गंगा में बढ़ा हुआ पानी और धुंधलके में अचानक हेलीकाप्‍टर क्रूज पर उतर कर सक्र‍िय होता नजर आए तो बनारस के लोगों का चौंकना स्‍वाभाव‍िक है। कुछ यही नजारा रव‍िवार को उस समय नजर आया जब क्रूज पर हेलीकाप्‍टर उतरते और एनएसजी और एयरफोर्स की ड्रिल देख बनारसी अचानक रोमांच से भर उठे।

प्रशासन‍िक सूत्रों के अनुसार गंगा में रविदास घाट पर ड्रिल का आयोजन कर सुरक्षा को जांचा गया। इस दौरान क्रूज पर हेलिकॉप्टर को उतारने का प्रयास किया गया। वहीं अचानक हेलीकॉप्टर की आवाज सुनकर स्थानीयजन और पर्यटक अचंभित नजर आए।

Cruise on the Ganges
Cruise on the Ganges

यूपी के बनारस में सबसे ज्यादा क्रूज का संचालन होता है, जो काशी को क्रूज सिटी के रूप में भी अपनी अलग पहचान दिला रहा है. बनारस में वाटर टूरिज्म तेजी से बढ़ा है. एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन की तर्ज पर क्रूज के लिए भी एक स्टेशन बनाया जा रहा है जो कि वर्ल्ड क्लास क्रूज टर्मिनल होगा. यहां पर छोटे-बड़े जहाजों का ठहराव होगा.दरअसल गंगा नदी में किसी आपात स्थिति में निपटने के लिए ड्रिल का आयोजन क‍िया गया था। बनारस में गंगा की लहरों पर एनएसजी का सुरक्षा ट्रायल, क्रूज, हेलीकॉप्टर और मोटर बोट के जरिए सुरक्षा का ट्रायल पूरा क‍िया गया। इस दौरान गंगा में सुरक्षा कड़ी रखी गई और गंगा में प्रवाह के बीच हेलीकॉप्‍टर को क्रूज पर लैंड कराने का अभ्‍यास पूरा क‍िया गया।

बनारस में एनएसजी (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) और भारतीय एयरफोर्स द्वारा एक विशेष ड्रिल का आयोजन माना जा रहा है। यह ड्रिल गंगा नदी के किनारे स्थित रविदास घाट पर आयोजित की गई, जहां सुरक्षा बलों ने आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता का परीक्षण किया। इस ड्रिल के दौरान, सुरक्षा बलों ने क्रूज पर हेलिकॉप्टर को उतारने का प्रयास किया।

ड्रिल के दौरान, गंगा की लहरों पर एनएसजी के कमांडो ने विभिन्न सुरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन कर आयोजन के न‍िष्‍कर्षों को र‍िकार्ड क‍िया। इस दौरान हेलीकॉप्टर की आवाज सुनकर आसपास के लोग चौंक गए और उन्होंने इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए इकट्ठा होना शुरू कर दिया। यह ड्रिल न केवल सुरक्षा बलों की तत्परता को जांचने का मौका था बल्‍क‍ि बनारस जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्‍त और चाक चौबंद रखने की तैयार‍ियों को भी जांचने का मौका था।

इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी में किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए सुरक्षा बलों की तैयारियों को परखना था।