
Kunda-Pratapgarh: drug traffickers के घर छापा, बोरियों में मिले दो करोड़ रुपये
पुलिस ने 22 घंटे में गिने, चार मशीनें पड़ीं कम
Pratapgarh प्रतापगढ़ के कुंडा क्षेत्र में पुलिस ने उस वक्त सबको चौंका दिया जब जेल में बंद तस्कर राजेश मिश्रा के घर से बोरियों में भरे दो करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और करोड़ों के मादक पदार्थ बरामद किए गए। नोटों की गिनती में पुलिसकर्मी थक गए तो चार मशीनें मंगाकर 22 घंटे तक काउंटिंग चलती रही।
परिवार समेत गिरोह का पर्दाफाश
CO अमरनाथ गुप्ता के नेतृत्व में मानिकपुर police and excise department की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई शनिवार रात मुंदीपुर गांव में की। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के दरवाजे अंदर से बंद थे। दबिश देने पर अलमारियों, बक्सों, तहखाने और बिस्तरों के नीचे से नकदी और मादक पदार्थ मिले।
गिरफ्तारी के समय राजेश मिश्रा की पत्नी रीना मिश्रा, बेटा विनायक मिश्रा, बेटी कोमल मिश्रा और दो सहयोगियों ने दरवाजा बंद कर खुद को छिपाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।
गिनते-गिनते थक गई पुलिस, बैंक से बुलानी पड़ी मशीनें
घर से मिली रकम इतनी ज्यादा थी कि पुलिसकर्मी हाथों से गिनते-गिनते थक गए। इसके बाद कालाकांकर बैंक से चार नोट गिनने की मशीनें मंगाई गईं। मशीनों के सहारे रविवार सुबह तक रकम की गिनती की गई, जो ₹2 करोड़ 1 लाख 55 हजार 345 रुपये निकली। कार्रवाई में शामिल 22 पुलिसकर्मी रातभर वहीं डटे रहे और उन्हें बाहर जाने की अनुमति तक नहीं थी।
मादक पदार्थों की बरामदगी भी चौंकाने वाली
पुलिस को नकदी के अलावा 6 किलो से अधिक गांजा और 577 ग्राम स्मैक (हेरोइन) भी मिली। जांच में खुलासा हुआ कि जेल में बंद राजेश मिश्रा का तस्करी नेटवर्क बाहर से उसका परिवार संभाल रहा था। गिरोह का कारोबार प्रतापगढ़ से लेकर प्रयागराज, कौशांबी और मध्यप्रदेश तक फैला है।

करोड़ों की संपत्ति पहले ही कुर्क
पुलिस रेकॉर्ड के अनुसार राजेश मिश्रा की लगभग 3.06 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। यह कार्रवाई NDPS and Gangster Act के तहत दर्ज मामलों के आधार पर हुई थी। ताजा छापे के बाद उसकी अवैध कमाई के और स्रोतों की जांच शुरू कर दी गई है।
SP की मॉनिटरिंग में चली कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक सतत संपर्क में रहे और हर चरण की जानकारी लेते रहे। रविवार दोपहर तक काउंटिंग पूरी होने के बाद सभी बरामद नकदी और मादक पदार्थ को सुरक्षित रखा गया। जिले के आला अधिकारी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य राज्यों के लिंक तलाशने में जुट गए हैं।
अधिकारियों का बयान
CO अमरनाथ गुप्ता ने बताया- “कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में कैश और ड्रग्स बरामद हुआ है। यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर काम करता था। आगे और खुलासे होंगे।”
संदेश साफ है: अपराध की कमाई नहीं बचेगी
कुंडा की यह कार्रवाई प्रदेशभर में संदेश दे रही है कि अपराध और तस्करी से अर्जित संपत्ति चाहे कितनी भी गहरी जमीन में क्यों न दबी हो, प्रशासन उसे बाहर निकाल ही देगा।





