जल संसाधन विभाग: 691 मामले न्यायालय पहुंचे- 40 में अवमानना के नोटिस मिले तो डेढ़ हजार दैवेभो को किया स्थाई

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जल संसाधन विभाग: 691 मामले न्यायालय पहुंचे- 40 में अवमानना के नोटिस मिले तो डेढ़ हजार दैवेभो को किया स्थाई

भोपाल : जलसंसाधन विभाग में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने स्थाई करने के लिए 651 रिट याचिकाएं लगाई और चालीस प्रकरणों में न्यायालय की अवमानना के नोटिस विभाग में पहुंच गए तो विभाग ने एक हजार 624 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई करने के निर्देश जारी कर दिए और उन्हें वेतन के अंतर की राशि का भुगतान करने के निर्देश भी दिए है।

जलसंसाधन विभाग में मुख्य अभियंता जलसंसाधन, मुख्य अभियंता चंबल बेतवा कछार, मुख्य भियंता विद्युत यांत्रिक भोपााल, मुख्य अभियंता गंगा कछार रीवा, मुख्य अभियंता नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर, मुख्य अभियंता राजघाट नगर परियोजना दतिया, मुख्य अभियंता बैनगंगा कछार सिवनी, मुख्य अभियंता जलसंसाधन उज्जैन, मुख्य अभियंता जल संसाधन नर्मदापुरम और मुख्य अभियंता जलसंसाधन ग्वालियर में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों ने 651 रिट याचिकाएं अलग-अलग न्यायालयों में लगाई और पांच कार्यालयों के अंतर्गत चालीस से अधिक मामलों में न्यायालय की अवमानना के नोटिस जलसंसाधन विभाग के अफसरों को पहुंच गए तो जलसंसाधन विभाग ने इन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को रामनरेश यादव प्रकरण में निर्धारित सिद्धांत को ध्यान में खते हुए इन कर्मचारियों को स्थाई करते हुए स्थाईकरण की दिनांक से बिना वेतन वृद्धि के भुगतान किए जाने के सभी प्रकरणों में 21 जुलाई 2025 की स्थिति में एक हजार 624 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थाई करते हुए वेतन के अंतर की राशि का भुगतान करने के निर्देश दिए है। एक सप्ताह के भीतर इन कर्मचारियों को अनिवार्यत: इनके आदेश जारी कर इनके गणना पत्रक और चैकलिस्ट की प्रति अधीक्षण यंत्री कार्यालय को भेजने को कहा है। सभी को वेतन अंतर की राशि के भुगतान के निर्देश भी दिए है।