
SC ने वकीलों की लंबी दलीलों पर लगाई लगाम: जारी किया नया SOP
New Delhi: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक कार्य की समझ, समय-प्रबंधन और आम आदमी को जल्दी न्याय देने के उद्देश्य से वकीलों की मौखिक दलीलों के लिए नई समय-सीमा तय कर दी है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के निर्देश पर एक नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया गया है, जो सभी मौखिक दलीलों पर लागू होगा।
सूप्रीम कोर्ट के नवीन SOP का मुख्य उद्देश्य अदालत में समय का कुशल उपयोग करना तथा सुनवाई प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाना है। इस नए प्रावधान के तहत अब वकीलों को अपनी दलीलों के लिए पहले से अपेक्षित समय सीमा का उल्लेख करना अनिवार्य होगा, ताकि न्यायालय सुनवाई को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ा सके।

नए नियम के अनुसार, सीनियर एडवोकेट्स और दलील देने वाले अन्य वकीलों को पहले ही बताना होगा कि वे अपनी दलीलें पूरी करने में कितना समय लेंगे। इस जानकारी को वकील सुनवाई से कम से कम एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट के ‘ऑनलाइन अपीयरेंस स्लिप पोर्टल’ के माध्यम से दर्ज करेंगे।
सर्कुलर में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी वकीलों को निर्धारित समय सीमा का सख्ती से पालन करना होगा और निर्धारित किए गए समय के भीतर ही अपनी दलीलें समाप्त करनी होंगी। यह व्यवस्था नोटिस के बाद होने वाली सुनवाइयों तथा नियमित मामलों दोनों पर लागू होगी।
सुप्रीम कोर्ट की इस नई प्रक्रिया से न्यायालय के कुल कार्यभार में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है और यह कदम अदालत में लंबित मामलों की प्रगति को तेज करने में सहायक माना जा रहा है।





