Ragging and Sexual Harassment: ‘अशोक सर टच करते थे’ मौत से पहले छात्रा का बयान, प्रोफेसर और 3 लड़कियों पर FIR

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Ragging and Sexual Harassment: ‘अशोक सर टच करते थे’ मौत से पहले छात्रा का बयान, प्रोफेसर और 3 लड़कियों पर FIR

हिमाचल में एक छात्रा की मौत के मामले में धर्मशाला कॉलेज की 3 छात्राओं और एक प्रोफेसर पर परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं.

धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा में धर्मशाला कॉलेज की एक 19 वर्षीय छात्रा की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है. छात्रा की मौत के बाद मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो वायरल हुआ है. जिसमें छात्रा ने धर्मशाला कॉलेज की तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर पर मारपीट, डराने-धमकाने और अश्लील हरकतें करने के आरोप लगाए हैं. पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है.

अशोक सर बहुत बुरे हैं’

छात्रा के दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो अस्पताल और दूसरा किसी अन्य जगह का है। एक वीडियो में छात्रा की मां कॉलेज स्टाफ के बारे में पूछ रही है। इसमें छात्रा कुछ अन्य छात्राओं पर मारपीट और पढ़ाई नहीं करने देने का आरोप लगा रही है। जब मां पूछती है कि कॉलेज में और सब कैसे हैं तो छात्रा कहती है कि और सब अच्छे हैं। अशोक सर के बारे में पूछने पर छात्रा कहती है, ‘अशोक सर अच्छे हैं। एक दीदी ने मुझे बोतल से मारा। मुझे पढ़ने नहीं दिया जाता था।’

छात्रा का दूसरा वीडियो अस्पताल का है। वह बेड पर लेटी है। इसमें कोई महिला छात्रा से एक सर के बारे में पूछ रही है। महिला ने पूछा कि वह कौन सर थे तो छात्रा कहती है, ‘अशोक सर, अशोक सर बहुत ही बुरे सर थे। पीछे पड़ जाते थे। अजीब-अजीब हरकतें करते थे।’ जब छात्रा से पूछा गया कि अशोक सर कैसी हरकतें करते थे? छात्र कहती है, मैं अब कैसे बताऊं। टच वगैरह करते थे। छात्रा वीडियो में हाथ के इशारे से यह भी बताती है कि अशोक सर उसे कहां टच करते थे।’

20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर की थी शिकायत

एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि मामला 20 दिसंबर को सामने आया. जब युवती के परिजनों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करवाई, जिसमें उसके पिता ने उनकी बेटी के साथ रैगिंग, मारपीट, डराने-धमकाने और अश्लील हरकत करने को लेकर शिकायत दर्ज करवाई. मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उनकी 19 साल की बेटी धर्मशाला कॉलेज में सेकंड ईयर की छात्रा थी. 18 सितंबर, 2025 को इसी कॉलेज में पढ़ने वाली तीन छात्राओं ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उसे डराया धमकाया. इसके अलावा धर्मशाला कॉलेज के एक प्रोफेसर पर उनकी बेटी के साथ अश्लील हरकतें करने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं. आरोप है कि इससे उनकी बेटी मानसिक रूप से बहुत डर गई और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई.

वहीं, धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का कहना है कि मृतक छात्रा पिछले साल कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्रा थी, लेकिन परीक्षा में असफल हो गई थी. इसके बाद वह द्वितीय वर्ष में दाखिले की मांग कर रही थी, लेकिन विवि के नियमों के अनुसार किसी भी फेल विद्यार्थी को अगली कक्षा में दाखिला नहीं दिया जा सकता. फेल होने और अगली कक्षा में दाखिला नहीं मिलने से वह डिप्रेशन में थी. उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन को छात्रा के परिजनों ने न तो लिखित और न मौखिक शिकायत दी है. हालांकि कॉलेज शिक्षकों ने छात्रा के परिजनों पर धमकाने के आरोप लगाए थे, जिसकी मौखिक शिकायत की गई थी.

26 दिसंबर को छात्रा ने तोड़ा दम

मृतका के पिता ने बताया कि कॉलेज में हुई रैगिंग, मारपीट और डिप्रेशन के कारण उनकी बेटी की तबीयत बहुत बिगड़ गई थी. जिसके कारण उसका कुछ दिनों से अस्पताल में इलाज चल रहा था. उन्होंने अपनी बेटी का विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाया, लेकिन 26 दिसंबर 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि बेटी की गंभीर बीमारी और उसकी मौत के सदमे की स्थिति के चलते वो पहले पुलिस को सूचना नहीं दे पाए थे. हालांकि 20 दिसंबर को सीएम हेल्पलाइन पर रैगिंग और प्रताड़ना को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ छात्रा का वीडियो

एएसपी कांगड़ा ने बताया कि हाल ही में सोशल मीडिया पर युवती का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस कथित वायरल वीडियो में युवती द्वारा कॉलेज के एक प्रोफेसर पर डराने-धमकाने और अश्लील हरकतें का आरोप लगाया जा रहा है. इसके बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया. मृतका के परिजनों के बयान और शिकायत के आधार पर गुरुवार, 01 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई.

“छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने धर्मशाला थाने में बीएनएस की धारा 75, 115(2), 3(5) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम 2009 की धारा 3 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है. परिजनों की ओर से जिन छात्राओं और प्रोफेसर पर आरोप लगाए गए हैं, उनसे पूछताछ की जाएगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.” – वीर बहादुर, एएसपी कांगड़ा