Swinging Bridge on AB Road: खरगोन–धार जिले की सीमा पर घबराहट पैदा करने वाला डोलता पुल, NHAI द्वारा स्टेबलाइज करने का कार्य शुरू

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Swinging Bridge on AB Road: खरगोन–धार जिले की सीमा पर घबराहट पैदा करने वाला डोलता पुल, NHAI द्वारा स्टेबलाइज करने का कार्य शुरू

खरगोन : मध्य प्रदेश के खरगोन–धार जिले की सीमा पर आगरा–मुंबई नेशनल हाईवे स्थित खलघाट के समीप नर्मदा नदी पर बने संजय सेतु ब्रिज का एक हिस्सा खतरनाक तरीके से झूलने से वाहन चालकों में घबराहट का माहौल बन गया है। 700 मीटर से अधिक लंबे इस महत्वपूर्ण पुल के डोलने का वीडियो सामने आने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने पुल को स्टेबलाइज करने का कार्य शुरू कर दिया है।

स्थानीय नागरिकों और खलघाट निवासी जितेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि यह पुल पिछले करीब एक वर्ष से भारी वाहनों के गुजरने पर हिलता महसूस किया जा रहा था, लेकिन बीते एक माह से इसकी स्थिति और ज्यादा भयावह हो गई है। पुल से गुजरते समय वाहन चालकों को तेज झटका महसूस होता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। मरम्मत कार्य शुरू होने के कारण मौके पर ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन रही है।

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यह संजय सेतु ब्रिज नेशनल हाईवे पर अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। नर्मदा नदी पर बने दो पुलों में से एक इंदौर की ओर आने-जाने के लिए उपयोग होता है, जबकि दूसरा इंदौर से मुंबई जाने वाले ट्रैफिक के लिए है। वर्तमान में जो पुल खतरनाक रूप से डोल रहा है, वह इंदौर से मुंबई जाने वाले वाहनों के लिए उपयोग में है।

NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव ने बताया कि यह पुल वर्ष 1980 में लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित किया गया था और इसकी कुल लंबाई लगभग 750 मीटर है। पुल के डोलने का वीडियो वायरल होने के बाद कंसेशनायर के माध्यम से विशेषज्ञ एजेंसियों से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पुल के नीचे लगी गर्डर जिस बेयरिंग पर टिकी होती है, वह बेयरिंग अपनी जगह से डिस्प्लेस हो गई है, जिससे खतरनाक मूवमेंट हो रहा था।

उन्होंने बताया कि तत्काल टीम तैनात कर मरम्मत कार्य शुरू किया गया है और फिलहाल खतरनाक मूवमेंट को अरेस्ट कर लिया गया है। निर्णय लिया गया है कि पुराने पुल की सभी बेयरिंग्स को बदला जाएगा। चूंकि पुल से ट्रैफिक पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है, इसलिए विशेष पद्धति अपनाकर मरम्मत कार्य किया जा रहा है। यह प्रक्रिया समय लेने वाली है और इसके मिड मार्च तक पूर्ण होने की संभावना है। फिलहाल अधिकारियों ने पुल की संरचना को पूरी तरह सुरक्षित बताया है, लेकिन वाहन चालकों में भय और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।