22 दिन बाद तांत्रिकों के चंगुल से छूटा 6 साल का प्रदीप, पुलिस और परिवार की आंखें हुईं नम

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22 दिन बाद तांत्रिकों के चंगुल से छूटा 6 साल का प्रदीप, पुलिस और परिवार की आंखें हुईं नम

खरगोन : तांत्रिक क्रियाओं के लिए अपहृत 6 वर्षीय प्रदीप को आखिरकार 22 दिन बाद पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। प्रदीप की वापसी पर जहां परिवार में खुशी का माहौल था, वहीं महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो मां की कमी झेल रहे बच्चे को एक साथ कई माओं का स्नेह मिल गया हो।

सनावद थाना क्षेत्र खरगोन की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शकुंतला रूहल के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि 10 दिसंबर को प्रदीप के अपहरण के बाद उसे खोजने के लिए पांच थाना क्षेत्रों का पुलिस बल लगाया गया। यह महज ड्यूटी नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से शिद्दत से की गई कोशिश थी। उन्होंने कहा कि बच्चे को सकुशल ढूंढ पाने पर पूरे पुलिस बल को गहरा सुकून मिला है। परिवार ने पुलिस पर भरोसा रखा और वही भरोसा हमारी ताकत बना।

पुलिस अधीक्षक रविंद्र वर्मा ने बताया कि यह एक बेहद चुनौतीपूर्ण टास्क था। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे थे, बच्चे के जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही थी। नर्मदा तट के खरगोन और खंडवा जिले के कई इलाकों, आश्रमों और घरों की तलाशी ली गई। सैकड़ों मोबाइल नंबरों की जांच, CCTV फुटेज खंगालने और करीब 150 लोगों से पूछताछ के बाद यह सफलता मिली। यदि समय पर बच्चे को ट्रेस नहीं किया जाता तो उसके बलि चढ़ा दिये जाने की पूरी आशंका थी।

सनावद के थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुर ने बताया कि प्रदीप की मां करीब पांच साल पहले परिवार छोड़कर चली गई थी और दूसरी शादी कर ली थी। बच्चे के खोज लिए जाने पर भी वह उससे मिलने नहीं आई। इसके बावजूद जब प्रदीप लौटा तो परिवार की महिलाओं ने उसे गले लगाकर रोते हुए दुलार किया। बड़वाह एसडीओपी अर्चना रावत उसे गले लगाकर भावुक हो गईं।

एसपी और एडिशनल एसपी ने प्रदीप को गोद में उठाया। पुलिसकर्मी एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाए, पटाखे फोड़े और मिठाइयां बांटकर पुलिस का आभार जताया।