
छतरपुर में कड़ाके की ठंड, नौगांव में पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस,जनजीवन पूरी तरह प्रभावित
छतरपुर: जिले भर में कड़ाके की ठंड का कहर जारी है। जिले के नौगांव में पारा 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरा है ।
पाले की आशंका से किसान चिंतित दिखाई दे रहे है। मौसम वैज्ञानिकों ने दी बचाव की सलाह दी है।
पूरा जिला इन दिनों भीषण शीत लहर की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान के रूप में पहचाने जाने वाले नौगांव में बीती रात न्यूनतम तापमान महज 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
हाड़ कंपाने वाली इस ठंड और गिरते पारे के कारण खेतों में खड़ी फसलों पर पाला पडऩे का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना भी जताई है।
जिले के नौगांव में तापमान के अचानक गिरने के पीछे यहाँ की विशिष्ट भौगोलिक स्थिति और वैज्ञानिक कारण जिम्मेदार हैं। कृषि मौसम वैज्ञानिक हेमंत कुमार सिन्हा के अनुसार, नौगांव बुंदेलखंड के पठारी क्षेत्र में स्थित है जहाँ घने जंगलों की कमी और खुले मैदानों की अधिकता के कारण रात में ऊष्मा तेजी से अंतरिक्ष में चली जाती है, जिसे रेडिएशन कूलिंग कहा जाता है। उत्तर भारत से आने वाली सीधी शीत लहर और शहरीकरण की कमी के कारण यहाँ बड़े शहरों की तुलना में अधिक ठंड महसूस की जाती है।
पाले से फसलों को बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने किसानों को रात के समय खेतों में हल्की सिंचाई करने और मेड़ों पर कचरा जलाकर धुआं करने की सलाह दी है। इसके साथ ही सल्फर या थायोयूरिया का निर्धारित मात्रा में छिड़काव करना भी लाभकारी बताया गया है।
तुलनात्मक आंकड़ों की मानें तो वर्ष 2024-25 के मुकाबले इस वर्ष 2025-26 में सर्दी का प्रकोप कहीं अधिक देखा जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को आगाह किया है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतें, ताकि आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।





