Historic transfer of PMO after 78 years: साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ परिसर जाने की तैयारी

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Historic transfer of PMO after 78 years: साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ परिसर जाने की तैयारी

New Delhi: स्वतंत्रता के बाद से देश की सत्ता का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र रहे साउथ ब्लॉक से प्रधानमंत्री कार्यालय अब नए पते की ओर बढ़ रहा है। प्रतिष्ठित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 जनवरी के बाद साउथ ब्लॉक स्थित पीएमओ से नए सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित हो सकते हैं। यह बदलाव सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत केंद्र सरकार का एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

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सेवा तीर्थ में बनेगा नया प्रशासनिक केंद्र
-सेवा तीर्थ परिसर को पहले एक्जीक्यूटिव एन्क्लेव के नाम से जाना जाता था। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए अलग अलग अत्याधुनिक भवन तैयार किए गए हैं। आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए इस परिसर को डिजाइन किया गया है।

कैबिनेट सचिवालय पहले ही हुआ स्थानांतरित
-सूत्रों के अनुसार कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही सेवा तीर्थ परिसर में शिफ्ट हो चुका है। अब राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के स्थानांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में मानी जा रही है। मकर संक्रांति के बाद पीएमओ के नए परिसर में कामकाज शुरू होने की संभावना है।

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● साउथ ब्लॉक से जुड़ा है 78 वर्षों का इतिहास
-साउथ ब्लॉक में प्रधानमंत्री कार्यालय लगभग 78 वर्षों से संचालित हो रहा है। यह भवन न केवल प्रशासनिक बल्कि ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक महत्व भी रखता है। अब पीएमओ का यहां से जाना स्वतंत्र भारत के प्रशासनिक ढांचे में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

सेंट्रल विस्टा परियोजना का अहम चरण
-पीएमओ का स्थानांतरण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस परियोजना का उद्देश्य पुराने औपनिवेशिक ढांचे को आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है, ताकि शासन प्रणाली अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और प्रभावी बन सके।