
The Leopard Died From Drowning: लापरवाही और देरी तेंदुए की जान पर पड़ी भारी, वन विभाग को सूचना देने की बजाय वीडियो बनाते रहे ग्रामीण!
बड़वानी : मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा वन मंडल में लापरवाही और देरी एक तेंदुए की जान पर भारी पड़ गई। लोग वन विभाग को सूचना देने की बजाय कुएं में संघर्ष कर रहे तेंदुए का वीडियो बनाते रहे । मंगलवार को शिकार के दौरान कुएं में गिरे करीब ढाई वर्ष के नर तेंदुए की डूबने के कारण मौत हो गई। यह घटना बलवाड़ी सबडिवीजन के छतरी पडावा गांव के बाहरी क्षेत्र में दल सिंह के खेत में स्थित कुएं में हुई।

सेंधवा के वन मंडलाधिकारी आईएस गडरिया ने बताया कि तेंदुआ संभवतः किसी शिकार का पीछा करते हुए पानी से भरे सीमेंट कांक्रीट कुएं में गिर गया। कुएं की पैरापेट दीवार काफी नीची थी और अंदर की सतह चिकनी होने के कारण तेंदुआ किसी सहारे को पकड़कर बैठ नहीं सका। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेंदुआ मंगलवार तड़के करीब चार से पांच बजे के बीच कुएं में गिरा और कई घंटों तक अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करता रहा।

सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों ने कुएं से आती आवाजें सुनीं और झांककर देखा, जिसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके बावजूद ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को सूचना नहीं दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग तेंदुए की मदद करने या विभाग को सूचना देने के बजाय उसके वीडियो बनाते रहे, जिससे बहुमूल्य समय नष्ट हो गया। वन अधिकारियों ने कहा कि यदि ग्रामीण रस्सी के सहारे एक खटिया या कोई साधारण सहारा भी कुएं में उतार देते, तो तेंदुआ कुछ समय तक उस पर बैठकर जीवित रह सकता था।

करीब सुबह 9 बजे वन विभाग को सूचना मिलने पर महज 10 मिनट के भीतर दो बीट गार्ड मौके पर पहुंचे और उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन आरंभ कर तेंदुए को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मेडिकल परीक्षण में बाहर निकलने के संघर्ष के दौरान तेंदुए के दांत और पंजे क्षतिग्रस्त पाए गए।
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम नियमानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते जान बचाई जा सके।





