
Bhopal News: स्लाटर हाउस में सरकारी के अलावा निजी डॉक्टर भी करते थे मांस की जांच, फिर भी हुई गड़बड़ी
भोपाल: राजधानी के जिंसी इलाके में स्थित स्लाटर हाउस में गोमांस के मिलने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। यहां पर एक विभाग यानी सिर्फ नगर निगम प्रशासन पर ही सवाल नहीं उठ रहे हैं। जांच में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न उठ रहे हैं। लगातार विवादों और प्रदर्शन के बाद अब पुलिस की पड़ताल के एंगल भी बदले जाने की बात कही जा रही है। गत दिवस नगर निगम परिषद की बैठक के पहले संभागायुक्त संजीव सिंह ने नगर निगम प्रशासन के पशु चिकित्सक डॉ. बेनी प्रसाद गौर को निलंबित कर दिया है। साथ ही, परिषद बैठक में 11 कर्मचारियों को भी निलंबित कर दिया गया है, जो स्लाटर हाउस के कामकाज को देख रहे थे। अब पुलिस इन सभी से पूछताछ करेगी, ताकि जांच के एंगल में और सही जानकारी मिल सके। इस संबंध में पुलिस ने इस मामले से जुड़े सभी लोगों को तलब करके बयान देने के लिए नोटिस जारी कर बुलाया जा रहा है।
*निजी डॉक्टर भी स्लाटर हाउस में करता था जांच*
इस मामले की जांच-पड़ताल में सामने आया है कि नगर निगम के डॉ. बेनी प्रसाद गौर के अलावा स्लाटर हाउस में निजी डॉक्टर भी काम कर रहे थे। सूत्रों की मानें तो डॉ. एनोम खान भी वहां पर पदस्थ थे, जो डॉ. गौर के बाद खुद मांस की जांच करते थे। हालांकि अब तक इनका नाम किसी भी जांच में नहीं आया है। ऐसे में इनसे भी पूछताछ करने की बात कही जा रही है। डॉ. गौर और डॉ. खान स्लॉटिंग के लिए आने वाले जानवरों की जांच कर सर्टिफिकेट देते थे। लेकिन अब भी सवाल है कि गोवंश स्लाटर हाउस में आए कहां से, क्योंकि सीसीटीवी फुटेज में स्लाटिंग के पहले भैंस आने की पुष्टि हुई है।
*स्लाटर हाउस बंद, फिर से अवैध स्लॉटिंग का सिलसिला जारी*
विभागीय सूत्रों की मानें तो स्लाटर हाउस पर स्थायी रूप से ताला लगाने के आदेश हो गए हैं। साथ ही, विवाद के बाद छह-सात दिनों से स्लाटर हाउस बंद है। ऐसे में शहर में रोजाना जरुरत के हिसाब से खपने वाले 10 क्विंटल मांस की आवक कहां से हो रही है। अवैध तरीके से शहर के अंदर बनें स्लॉटिंग सेंटर में चोरी छिपे यह काम जारी है, जिससे शहर की जरुरत पूरी हो रही है। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी भी विभाग ने एक्शन नहीं लिया है।
*असलम चमड़ा जेल में बंद, फिर भी वन विहार में सप्लाई जारी*
बताया जा रहा है कि एक सप्ताह पहले स्लाटर हाउस में मिले गोवंश के सैंपल के बाद असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद भी वन विहार में लगातार जानवरों की सप्लाई के लिए मांस असलम कुरैशी के लोग पहुंचा रहे हैं। इस पर भी जांच हो सकती है।





