
Loan Scam: फर्जी रजिस्ट्री पर 57 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत मामले में केनरा बैंक के 6 अधिकारियों सहित 9 पर EOW में केस
EOW की जांच में बड़े मामले का हुआ खुलासा
Jabalpur: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जबलपुर विंग ने केनरा बैंक शाखा आधारताल से जुड़े बड़े ऋण घोटाले का खुलासा करते हुए बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित 6 अधिकारियों और 3 निजी व्यक्तियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है। आरोप है कि कूटरचित फर्जी रजिस्ट्री और फर्जी खातों के आधार पर 57 लाख रुपये के आवास एवं व्यावसायिक ऋण स्वीकृत कराए गए, जिनकी किश्तें जानबूझकर जमा नहीं की गईं।
● फर्जी जमीन मालिक खड़ा कर कराई गई रजिस्ट्री
EOW को केनरा बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय जबलपुर में पदस्थ सहायक महाप्रबंधक अंबिका शरण सिंह द्वारा शिकायत दी गई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी सुमित सिंह और गालिब हुसैन ने एक अन्य व्यक्ति को वास्तविक भूमि स्वामी दीनबंधू गोलछा के रूप में प्रस्तुत कर दो फर्जी रजिस्ट्रियां तैयार कराईं। इन्हीं दस्तावेजों को वैध बताकर बैंक में प्रस्तुत किया गया।
● चार ऋण स्वीकृत, न दुकान चली न किश्तें आईं
इन फर्जी रजिस्ट्रियों के आधार पर केनरा बैंक आधारताल शाखा से आवास ऋण और दुकान खोलने के नाम पर चार अलग-अलग ऋण स्वीकृत कराए गए। कुल ऋण राशि 57 लाख रुपये रही। जांच में यह भी सामने आया कि ऋण स्वीकृत होने के बाद एक भी मासिक किस्त नियमित रूप से जमा नहीं की गई, जिससे बैंक को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
● बैंक अधिकारियों की मिलीभगत उजागर
जांच में यह तथ्य भी प्रमाणित हुआ कि ऋण स्वीकृति और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में केनरा बैंक आधारताल शाखा और आर.ए.एच. (रीजनल एसेट हब) जबलपुर के अधिकारियों ने षड्यंत्रपूर्वक पद का दुरुपयोग किया। बिना समुचित जांच और सत्यापन के ऋण स्वीकृत किए गए, जिससे फर्जीवाड़ा संभव हो सका।
● इन आरोपियों पर दर्ज हुआ अपराध
EOW ने जिन आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है, उनमें सुमित सिंह निवासी आधारताल, गालिब हुसैन निवासी मक्का नगर आधारताल, आरिफ अंसारी निवासी बहोराबाग, दीपक गोस्वामी तत्कालीन ब्रांच मैनेजर केनरा बैंक आधारताल, ज्ञान रंजन तिर्की डिवीजन मैनेजर आर.ए.एच., संदीप कुमार तिवारी सीनियर मैनेजर, अमित शर्मा मार्केटिंग मैनेजर, प्रतिध्वनि मिश्रा बैंक अधिकारी, आगस्टाइन खंगवीर बैंक अधिकारी शामिल हैं।
● गंभीर धाराओं में केस, विवेचना जारी
आरोपियों के खिलाफ बीएनएस 2023 की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7-सी, 13(1)(ए), 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। ईओडब्ल्यू ने मामले में विवेचना प्रारंभ कर दी है और आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है।




