
राष्ट्रीय कैनो स्लालम चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश का जलवा, 12 में से 10 स्वर्ण पदक जीते
खरगोन :राष्ट्रीय कैनो स्लालम चैंपियनशिप के अंतिम दिन मध्यप्रदेश के पैडलर्स का दबदबा देखने को मिला। प्रदेश के खिलाड़ियों ने 12 में से 10 स्वर्ण पदक जीतकर चैंपियनशिप पर कब्जा जमाया। एमपी के प्रख्यात खिलाड़ी प्रद्युम्न सिंह राठौर और शिखा चौहान ने स्वर्ण पदक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया।
यह चैंपियनशिप 13 से 15 जनवरी तक खरगोन जिले के महेश्वर के नेचुरल ट्रैक सहस्त्र धारा में भारतीय कयाकिंग एवं कैनोइंग संघ के तत्वावधान में आयोजित की गयी, जिसकी मेजबानी मध्यप्रदेश एमेच्योर कयाकिंग एवं कैनोइंग एसोसिएशन ने की।

इन प्रतियोगिताओं में 14 राज्यों के साथ सेना और सीआरपीएफ के करीब 150 पैडलर्स ने हिस्सा लिया। यह आयोजन 13वीं सीनियर, 12वीं जूनियर और तीसरी कयाक क्रॉस राष्ट्रीय चैंपियनशिप के रूप में आयोजित की गयी।

प्रतियोगिता के अंतिम दिन सीनियर पुरुष एक्सट्रीम कयाक स्लालम में मध्यप्रदेश के प्रद्युम्न सिंह राठौर ने 50.79 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। मेघालय के विकास राणा (51.70 सेकंड) को रजत और उत्तराखंड के धीरज सिंह कीर (56.98 सेकंड) को कांस्य पदक मिला।

सीनियर महिला एक्सट्रीम कयाक स्लालम में शिखा चौहान (मप्र) ने 58.94 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। मेघालय की एलिजाबेथ विंसेंट ने रजत (69.22 सेकंड) और आंध्र प्रदेश की एन. गायत्री ने कांस्य (70.89 सेकंड) पदक हासिल किया।
सीनियर महिला कयाक स्लालम में भी शिखा चौहान ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए 97.663 सेकंड में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। एलिजाबेथ विंसेंट (109.046 सेकंड) को रजत और एन. गायत्री (126.159 सेकंड) को कांस्य पदक मिला।
जूनियर पुरुष कैनो स्लालम में मध्यप्रदेश के अभय कहार ने 85.64 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। मेघालय के इंद्रा शर्मा को रजत और आंध्र प्रदेश के डी. पार्धु लक्ष्मी श्रीनिवास को कांस्य पदक मिला।

जूनियर महिला कैनो स्लालम में सलोनी शर्मा (मप्र) ने 102.25 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। मेघालय की रियंका एस. नोंगसियांग को रजत और आंध्र प्रदेश की डी. चेतना भगवती को कांस्य पदक मिला।
जूनियर महिला कयाक स्लालम में मध्यप्रदेश की करिश्मा दीवान ने 121.63 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। मेघालय की पूर्णिमा राणा को रजत और कर्नाटक की प्रांजल शेट्टी को कांस्य पदक मिला।
जूनियर पुरुष एक्सट्रीम कयाक स्लालम में मेघालय के मनभालांग खारक्रांग ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि गुजरात के अनांक चौहान को रजत पदक मिला।
जूनियर महिला कयाक स्लालम की ओवरऑल रैंकिंग में भी मध्यप्रदेश का वर्चस्व रहा। करिश्मा दीवान पहले, भारती केवल दूसरे, दीक्षा वर्मा तीसरे और दीक्षा जगताप चौथे स्थान पर रहीं।
आईकेसीए के लाइफ टाइम प्रेसिडेंट बलवीर सिंह कुशवाहा ने बताया कि खिलाड़ियों के साथ तीन अंतरराष्ट्रीय कोच भी भारत आए हैं। इनमें प्रद्युम्न सिंह राठौर के जर्मन कोच क्रिस्टो शामिल हैं, जो तीन बार के ओलंपियन रह चुके हैं। इसके अलावा इंटरनेशनल कैनो फेडरेशन से जुड़े कोच माइक और विंसेंट भी यहां मौजूद हैं, जो टैलेंट आइडेंटिफिकेशन प्रोग्राम के तहत उभरते खिलाड़ियों को चिन्हित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस खेल की शुरुआत वर्ष 2012 में महेश्वर के सहस्त्रधारा में की गई थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में एक कृत्रिम (आर्टिफिशियल) ट्रैक का भी विकास किया जाना चाहिए, क्योंकि ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप जैसे सभी अंतरराष्ट्रीय आयोजन केवल आर्टिफिशियल ट्रैक पर ही आयोजित किए जाते हैं।
कैनो पोलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश ने 12 में से 10 स्वर्ण पदक जीते, जबकि शेष दो स्वर्ण मेघालय को मिले। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता का स्तर पहले से काफी बेहतर रहा है और नए खिलाड़ी इस खेल में तेजी से रुचि दिखा रहे हैं।





