
7 साल की बच्ची के साथ हैवानियत: राजकोट की विशेष अदालत ने सुनाई आरोपी को फांसी की सजा: 43 दिन में इंसाफ
राजेश जयंत
Rajkot-Alirajpur: गुजरात की राजकोट विशेष अदालत ने 7 साल की बच्ची से जघन्य दुष्कर्म करने वाले आलीराजपुर (मध्यप्रदेश) के रामसिंह पुत्र तेरसिंह दुडवा (30) को मृत्यु दंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस फैसले में अपराध की अत्यंत क्रूरता और पीड़िता की नाबालिगता को ध्यान में रखा।
▪️घटना का विवरण
4 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 12 बजे राजकोट जिले के अटकोट थाना क्षेत्र के कानपार गांव में बच्ची अपने भाई-बहनों के साथ खेल रही थी। इसी समय आरोपी रामसिंह मोटरसाइकिल पर आया और बच्ची को पकड़कर पास के एक पेड़ के पास ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और उसकी गुप्तांगों में लगभग 5 इंच लंबी लोहे की छड़ डाल दी।

पीड़िता की चीख सुनकर पास की चाची दौड़ीं, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। गंभीर हालत में बच्ची को चाची ने तुरंत उसके पिता को बुलाया और एम्बुलेंस के माध्यम से सरकारी अस्पताल कानपार पहुंचाया गया।
▪️पुलिस जांच और साक्ष्य
8 दिसंबर 2025 को आरोपी को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया। घटना स्थल से खून से सनी लोहे की छड़ और आरोपी के बाल बरामद हुए। DNA टेस्ट में बाल आरोपी के और लोहे की छड़ पर बच्ची का खून पाया गया।
आरोपी का मोबाइल और CDR जांच से पुष्टि हुई कि वह घटना के समय उसी इलाके में मौजूद था। पुलिस ने बारीकी से अनुसंधान कर मात्र 11 दिनों में अदालत में एक मजबूत चार्जशीट दाखिल की। पीड़िता के पिता ने अदालत को विस्तृत पत्र लिखकर आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग की।
▪️अदालत की कार्यवाही और सजा
12 जनवरी 2026 को अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया। प्रारंभ में सजा की तिथि 15 जनवरी थी, लेकिन इसे आगे बढ़ाकर 17 जनवरी 2026 कर दिया गया। आज राजकोट की विशेष अदालत में न्यायाधीश वी ए राणा ने सुनवाई के बाद आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने कहा कि- “ऐसे जघन्य अपराधों को रोकने और समाज में संदेश देने के लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।”
▪️ 43 दिन में इंसाफ
4 दिसंबर 2025- बच्ची के साथ दुष्कर्म और अत्याचार
8 दिसंबर 2025- आरोपी गिरफ्तार और साक्ष्य बरामद
12 जनवरी 2026- अदालत ने दोषी ठहराया
17 जनवरी 2026- अदालत ने फांसी की सजा सुनाई।
इस मामले में अदालत ने तेज़ न्याय प्रक्रिया अपनाई। 43 दिनों में मुकदमा पूरी तरह निपटा और दोषी को सजा सुनाई गई। पीड़िता और समाज के हित को देखते हुए अदालत ने यह फैसला सुनाया।
Clear message from the Gujarat Government: An attack on our daughters means the end of your life.
As Deputy Chief Minister & Home Minister, I state this clearly: Gujarat has zero tolerance for crimes against women and children.
In the Atkot POCSO case, justice is delivered…
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) January 17, 2026
न्यायालय की फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए गुजरात के गृह एवं उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा- “गुजरात सरकार का स्पष्ट संदेश: हमारी बेटियों पर हमला मतलब तुम्हारी जिंदगी का अंत”
इसके साथ ही उन्होंने संदेश दिया कि गुजरात में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस है।





