India vs New Zealand One Day Series: Indore में हाई-स्कोर मुकाबले की पटकथा तैयार, भारत–न्यूज़ीलैंड की रणनीति आमने-सामने

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India vs New Zealand One Day Series: Indore में हाई-स्कोर मुकाबले की पटकथा तैयार, भारत–न्यूज़ीलैंड की रणनीति आमने-सामने

अभिषेक मिश्रा की रिपोर्ट 

इंदौर: इंदौर के होलकर स्टेडियम में रविवार को होने वाले भारत–न्यूज़ीलैंड वनडे मुकाबले से पहले पूरा शहर क्रिकेट के रंग में रंग चुका है। मैदान के भीतर रणनीतियां आकार ले रही हैं, तो मैदान के बाहर प्रशंसकों का उत्साह चरम पर है। आज का दिन इसी बड़े मुकाबले की तैयारी, संकेत और संदेशों से भरा रहा। भारतीय टीम ने आज होलकर स्टेडियम में सघन अभ्यास कर साफ कर दिया कि इस मुकाबले में उसकी सबसे बड़ी ताकत बल्लेबाजी रहने वाली है। नेट्स पर सबसे ज्यादा वक्त शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने बिताया। विराट कोहली, रोहित शर्मा और के.एल. राहुल ने लंबे समय तक बल्लेबाजी की, अलग-अलग तरह के शॉट्स पर काम किया और विकेट के मिजाज को परखने की कोशिश की।

टीम इंडिया जानती है कि होलकर की पिच पर गेंदबाजों के लिए ज्यादा गुंजाइश नहीं होती और यहां मुकाबला अक्सर रन बनाने की होड़ में बदल जाता है। यही वजह है कि अभ्यास सत्र में साफ तौर पर रन-रेट, टाइमिंग और बड़े स्ट्रोक्स पर जोर दिखा।

अभ्यास से पहले पिच भी दोनों टीमों के लिए चर्चा का केंद्र रही। भारतीय टीम की ओर से बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल, के.एल. राहुल और मोहम्मद सिराज ने पिच का बारीकी से मुआयना किया। उछाल, घास और सख्ती को लेकर लंबी बातचीत हुई।

दूसरी तरफ न्यूज़ीलैंड टीम के खिलाड़ी ड्वेन कॉनवे, डैरिल मिचेल और कोचिंग स्टाफ ने भी मैदान पर कदम रखते ही विकेट का जायजा लिया। यह साफ था कि दोनों खेमे होलकर की हाई-स्कोरिंग पहचान को ध्यान में रखकर ही अपनी अंतिम रणनीति तय कर रहे हैं। इसी बीच मोहम्मद सिराज की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने गेंदबाजी को लेकर तस्वीर और स्पष्ट कर दी। सिराज ने माना कि होलकर जैसे छोटे मैदान और सपाट पिच पर स्टंप-टू-स्टंप गेंदबाजी ही एकमात्र कारगर विकल्प है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी गेंद पर शॉट लग जाए तो गेंदबाज को धैर्य रखना होगा। दूसरे वनडे की हार पर सिराज ने कैच छूटने को अहम कारण बताया और न्यूजीलैंड के डैरिल मिचेल की बल्लेबाजी की खुलकर तारीफ की। उनके शब्दों से यह संकेत भी मिला कि बुमराह की गैरमौजूदगी के बावजूद भारतीय गेंदबाजी खुद को किसी दबाव में नहीं मान रही।

इधर ,मैदान के बाहर का नजारा भी किसी त्योहार से कम नहीं रहा। होलकर स्टेडियम के बाहर सुबह से ही प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी। हाथों में तिरंगे, मोबाइल कैमरे और खिलाड़ियों की एक झलक की उम्मीद लिए फैंस घंटों इंतजार करते दिखे। टीम बस की हल्की-सी आहट पर भी उत्साह उफान पर आ जाता है। यानी इंदौर के लिए यह मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि जश्न है।

कुल मिलाकर आज का पूरा दिन यही संदेश दे गया कि इंदौर में होने वाला भारत–न्यूज़ीलैंड मुकाबला गेंद और बल्ले की नहीं, बल्कि रणनीति और संयम की परीक्षा होगा। होलकर की पिच बड़े स्कोर का न्योता दे रही है, भारतीय बल्लेबाजी पूरी तैयारी में दिख रही है और दर्शकों का जुनून पहले ही अपने शिखर पर है। अब नजरें रविवार पर टिकी हैं, जहां यह सारी तैयारियां मैदान पर कहानी का रूप लेंगी।