World Peace Day observed : अव्यक्त दिवस पर ब्रह्मा बाबा का पुण्य स्मृति दिवस “विश्व शांति दिवस” के रूप में मनाया!

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World Peace Day observed : अव्यक्त दिवस पर ब्रह्मा बाबा का पुण्य स्मृति दिवस “विश्व शांति दिवस” के रूप में मनाया!

ब्रह्मा बाबा को “शांति दूत” कहना किसी भी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं: राजयोगिनी मनोरमा दीदी!

ब्रह्मा बाबा अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे, साधारण मानव जीवन के उत्थान और जगत कल्याण हेतु सर्वस्व परमात्मा के कार्य में अर्पित किया: रमेश सोनी

Ratlam : शहर की जावरा रोड़ स्थित गौरव पैलेस कॉलोनी में भाग्योदय भवन पर रविवार को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेवा केंद्र पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा का 57वां पुण्य स्मृति दिवस “विश्व शांति दिवस” के रूप में श्रद्धा, मौन और आत्मिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अव्यक्त दिवस के उपलक्ष्य में भावपूर्ण पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन केंद्र संचालिका राजयोगिनी मनोरमा दीदी के मार्गदर्शन में हुआ।

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उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि ब्रह्मा बाबा को “शांति दूत” कहना किसी भी प्रकार की अतिशयोक्ति नहीं है। एक साधारण मानव जीवन से उठकर उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग अपनाते हुए सर्व भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग किया और तन-मन-धन को ईश्वर सेवा में समर्पित कर समाज में अकल्पनीय एवं क्रांतिकारी परिवर्तन किया। नारी शक्ति को विश्व सेवा का सशक्त माध्यम बनाना उनकी अमूल्य देन है। उनके बताए आदर्शों पर चलकर सेवाओं में निरंतर वृद्धि करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार भ्राता रमेश सोनी ने कहा कि ब्रह्मा बाबा अद्भुत व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने साधारण मानव जीवन के उत्थान और जगत कल्याण हेतु अपना सर्वस्व परमात्मा के कार्य में अर्पित कर दिया। उनकी आध्यात्मिक शक्ति से प्रेरित होकर माताओं-बहनों की ऐसी विशाल शक्ति तैयार हुई, जो आज 140 से अधिक देशों में विश्व परिवर्तन एवं मानव सेवा के कार्य में निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रही है। अव्यक्त दिवस आत्मनिरीक्षण, मौन और आंतरिक शांति का विशेष अवसर प्रदान करता है।

विशेष अतिथि नगर निगम रतलाम की पार्षद बहन मनीषा चौहान ने कहा कि ब्रह्मा बाबा द्वारा दिखाया गया मार्ग आज के समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और प्रासंगिक है। विशेष अतिथि भ्राता विजय सिंह चौहान, राजपूत समाज अध्यक्ष एवं भाजपा नेता ने कहा कि जिस समय समाज में नारी को सीमित दृष्टि से देखा जाता था। उस दौर में माताओं-बहनों को सम्मान, नेतृत्व और विश्व सेवा का उत्तरदायित्व देना अत्यंत साहसिक, दूरदर्शी और श्रेष्ठ कार्य था। कार्यक्रम में संस्था का परिचय मंजुला बहन ने दिया। आरती बहन ने उपस्थितजनों को राजयोग का अभ्यास कराया।

कार्यक्रम में उपस्थित बहनें:

मानसी केसवानी, सरोज मोडीया, रितिका केसवानी, लता पालीवाल, मधु केसवानी, पूजा केवलानी, पूनम लिंबोदिया, सोनल धारवाल, भारती ललवानी, भावना व्यास, हिमानी व्यास, साधना चौहान, जय बाला सोनी, सीमा सोनी, सरोज बैरागी, धर्मा कोठारी, राधा राठौर, संगीता राठौर, संगीता परिहार आदि उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में उपस्थित भाई:

भूपेंद्र सिंह देवड़ा, वीरेंद्र सोनी, मनोज सोनी, जीवन दास बैरागी, कमलेश श्रीवास्तव, ललित केसवानी, राजेश मोडीया, राजेंद्र मरमठ, कृष्ण कुमार चौहान, ऋषि केसवानी, नैतिक मोडीया, महेंद्र चौरसिया, सर्वेश मथुर, संजय पालीवाल, शांतिलाल परिहार, विजय सिंह मीणा, राहुल व्यास, शिव नारायण जी त्रिपाठी, महेंद्र फातोड़, शुभम पालीवाल आदि उपस्थित रहे। पुष्पांजलि एवं मौन के क्षणों के साथ सम्पन्न हुए इस कार्यक्रम का वातावरण शांति, पवित्रता और आत्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। कार्यक्रम का संचालन सोनाली पाल तथा आभार पूजा बहन ने माना!