
उदयगढ़ की बेटी और दामाद की दोहरी सफलता: सहायक प्राध्यापक पद पर एक साथ चयन
UDAYGARH: शिक्षा और परिश्रम के बल पर जनजातीय बहुल अलीराजपुर जिले की बेटी अर्चना चंगोड़ और उदयगढ़ के दामाद सुनील भिड़े ने एक साथ सफलता हासिल कर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। हाल ही में घोषित सहायक प्राध्यापक परीक्षा परिणाम में दोनों का चयन होने से उदयगढ़, झाबुआ और बेटमा क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। इसे शिक्षा के क्षेत्र में परिवार की दोहरी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
● उदयगढ़ की बेटी अर्चना चंगोड़ का प्रेरक सफर
अर्चना चंगोड़ वर्तमान में झाबुआ जिले के अंतरवेलिया क्षेत्र में शिक्षिका वर्ग 1 के पद पर पदस्थ हैं। वे सेवानिवृत्त सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी अबेरसिंह चंगोड़ की पुत्री हैं और छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। सीमित संसाधनों वाले साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने शिक्षा को ही अपनी पहचान बनाया।
● उदयगढ़ से शुरू हुई शिक्षा यात्रा
अर्चना की प्रारंभिक शिक्षा कक्षा 1 से 8वीं तक अंशुल विद्या मंदिर उदयगढ़ में हुई। इसके बाद उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कुक्षी जिला धार से पूरी की। छात्र जीवन से ही वे अनुशासन, निरंतर अध्ययन और लक्ष्य के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती रहीं।
● प्राणी शास्त्र में उच्च शिक्षा और चयन
अर्चना ने स्नातक की पढ़ाई शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ से की और शासकीय शहीद चंद्रशेखर आजाद महाविद्यालय झाबुआ से प्राणी शास्त्र विषय में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2022 में सहायक प्राध्यापक प्राणी शास्त्र की परीक्षा दी थी और हाल ही में घोषित परिणाम में उनका चयन सहायक प्राध्यापक के रूप में हुआ है।
● उदयगढ़ के दामाद सुनील भिड़े की उल्लेखनीय उपलब्धि
उदयगढ़ के दामाद और बेटमा नगर जिला इंदौर निवासी सुनील भिड़े पिता इडला सिंह भिड़े ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक प्राध्यापक परीक्षा में रसायन विज्ञान विषय से सफलता प्राप्त की है। वे प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं और उन्होंने होलकर विज्ञान महाविद्यालय से रसायन शास्त्र में एमएससी की डिग्री हासिल की है।
● कठिन परीक्षा में अनुशासन और समर्पण की जीत
सुनील भिड़े ने लंबे समय तक प्रतियोगी परीक्षाओं की गंभीर तैयारी की। एमपीपीएससी जैसी प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा में सफलता उनके नियमित अध्ययन, पाठ्यक्रम की गहन समझ और लक्ष्य के प्रति दृढ़ निष्ठा का परिणाम मानी जा रही है। चयन के बाद बेटमा क्षेत्र में भी खुशी का माहौल है।
● दोहरी सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर
एक ही परिवार से पति-पत्नी दोनों का शैक्षणिक पदों पर चयन होना समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। शिक्षकों, परिजनों और शुभचिंतकों का कहना है कि अर्चना चंगोड़ और सुनील भिड़े की सफलता से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।
● शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल
उदयगढ़ की बेटी और दामाद की यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और शिक्षा के प्रति समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। दोनों की सफलता को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।





