
ओटीपी बना वाहन मालिकों के लिए टेंशन, सैकड़ों वाहनों की नवीनीकरण फाइलें अटकी!
भोपाल: राजधानी के सैकड़ों वाहन चालक बीते कुछ दिनों से ओटीपी नहीं आने की समस्या के कारण परेशान हो रहे हैं। शहर के ऐसे वाहन जिनकी उम्र 15 वर्ष हो गई है और उनके पंजीयन का नवीनीकरण होना है, लेकिन उन वाहनों के पंजीयन के नवीनीकरण के लिए ओटीपी वाहन मालिकों के मोबाइल पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे वाहनों के पंजीयन की आगामी प्रक्रिया नहीं हो रही है। लोग अपने वाहनों का पंजीयन कराने के लिए आरटीओ के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ शासन को भी लाखों रुपए के राजस्व की हानि हो रही है। ये वाहन बगैर रजिस्ट्रेशन के शहर में धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इस मामले में परिवहन विभाग के अफसर भी बीच का कोई रास्ता नहीं निकाल रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों को राहत मिल सके।
*बिना ओटीपी आगे नहीं बढ़ रही प्रक्रिया*
बताया जा रहा है कि ओटीपी नहीं होने से कियोस्क संचालक के यहां से आनलाइन आवेदन करने वाले वाहन चालक परेशान हो रहे हैं। इस कारण ओटीपी के कारण सैकड़ों वाहनों के पंजीयन का काम अधूरा पड़ा है। साथ ही समय-सीमा निकलने के कारण उन्हें अतिरिक्त राशि भी देनी पड़ रही है। इस समस्या से वाहन चालक रोजाना रूबरू हो रहे हैं।
कभी सर्वर धीमा, तो कभी बंद होने से बढ़ी दिक्कतें
बताया जा रहा है कि कागजातों की जांच होने के बाद लोगों के मोबाइल फोन पर पंजीयन कार्ड प्रिंट कराने का लिंक तक नहीं आ रहा है। एनआईसी के पोर्टल वाहन-4 पर आवेदन के दौरान भी कभी सर्वर धीमा चलने से तो कहीं सर्वर बंद होने से वाहनों के पंजीयन के लिए आवेदन नहीं हो पा रहे हैं। इस मामले में यह जानकारी सामने आ रही है कि 15 साल पुराने वाहनों के जिन वाहन मालिकों ने वाहन डीलरों के पास जो मोबाइल नंबर दर्ज कराए थे, वे बदल गए हैं। ऐसी परिस्थिति रोजाना दर्जनों लोग आरटीओ में परेशान होकर चक्कर काट रहे हैं।





