
अनुभव –
Numbness in the Foot: पैर का सुन्न हो जाना, हम सब के लिए सामान्य बात है, लेकिन ब्रेन में क्लॉटिंग—–जाड़ों में पानी पीने की आदत बनाए रखें!
Guddan Pathak
पैर का सुन्न हो जाना, हम सब के लिए बहुत ही मामूली और सामान्य बात है, लेकिन ब्रेन में क्लॉटिंग, जीवन भर को अपाहिज कर सकती थी..
पिछले दिनों…
11 को चित्रकूट धाम यात्रा व परिक्रमा।
12 को नौगांव में सेमीफाइनल मैच, मेला और मस्ती
13 को फाइनल मैच, छतरपुर यात्रा और फिर धुरंधर..
14 की सुबह पैर सुन्न..

चिकोटी काट कर, खुद मालिश कर के सुन्न भगाने की नाकाम कोशिशों के बीच ही ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जरी हेड डॉक्टर आदित्य श्रीवास्तव से बात हुई, उन्होंने फौरन ईकोस्प्रिन गोल्ड 150 लेकर ग्वालियर बुलाया… और सब कुछ दुरुस्त होकर ज्यों का त्यों हो गया।

अब आएं मुद्दे पर..
रेगुलर ब्लड प्रेशर की दवा लेने वाले समझ लें कि जो दवा हम लेते हैं वो खून को पतला करके बीपी के खतरे को घटाती है।
लेकिन जाड़ों में पानी पीने की आदत कम होने से खून अपेक्षाकृत गाढ़ा होता है और वह रेगुलर दवा उतनी कारगर नहीं होती है, लिहाजा जाड़ों में पानी पीने की आदत बनाए रखना है।
जाड़ों में भी पानी पीने की आदत डाले रहना ही रामबाण इलाज है।
हम तो ठीक हो गए हैं, आप लोग अपना ख्याल रखें, जिन्हें बीपी की दिक्कत नहीं भी है वे भी पानी पीने में कमी नहीं रखें।
समय पर MRI हो गई, मस्तिष्क में खून की 2,4 बूंद जमी दिख गई थीं, इंजेक्शन दवाओं से उनको बहा दिया गया है। अब मस्तिष्क सहित पूरे शरीर में रक्त संचार सुचारू गति से जारी है। दुनिया के रंगमंच पर ईश्वर के दिए कुछ काम अभी बाकी रह गए हैं शायद, आप सभी को साथ लेकर ईश्वरीय कार्य पूरा करके चलते फिरते ही विदा होना उचित रहेगा।
घिसटना तो मंजूर ही नहीं है।
आपके सद्भावना पूर्ण मैसेज, कॉल्स, संपर्क सबने मिलकर दवाओं से ज्यादा काम किया है।
यही हमारा संबल और आत्मविश्वास है।
मैं ईश्वर का, आप सब का, चिकित्सा नेतृत्व का, डॉ.सुशील और डॉ.आदित्य का हृदय से आभार और कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।






