
EOW TRAP: गुढ़ तहसीलदार का कम्प्यूटर ऑपरेटर 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
Reva: आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) रीवा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसीलदार गुढ़, जिला रीवा के कम्प्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी आवेदक की बेटी के EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था और लंबे समय से फाइल को जानबूझकर रोके हुए था।
▪️ EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन के बदले मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी, निवासी ग्राम नर्रहा, तहसील गुढ़, जिला रीवा पेशे से कृषक हैं। उनकी बेटी के EWS प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए अक्टूबर 2024 में संबंधित आवेदन तहसील कार्यालय गुढ़ पहुंचा था। यह आवेदन बालाघाट कार्यालय से सत्यापन हेतु भेजा गया था, लेकिन तहसील कार्यालय में पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया द्वारा लगातार सत्यापन टाल दिया जा रहा था।
▪️ फाइल रोककर बनाया दबाव, 10 हजार की मांग
आरोप है कि कम्प्यूटर ऑपरेटर ने प्रमाण पत्र के सत्यापन के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। फरियादी द्वारा रिश्वत नहीं देने पर सत्यापन प्रक्रिया जानबूझकर लटकाई जाती रही। परेशान होकर फरियादी ने EOW रीवा से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
▪️ तहसील कार्यालय में बिछाया गया ट्रैप
शिकायत की सत्यता पाए जाने पर EOW रीवा द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप की कार्रवाई की गई। दिनांक 19 जनवरी 2026 को जैसे ही आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर ने फरियादी को रिश्वत लेने के लिए तहसील कार्यालय गुढ़ बुलाया, उसी दौरान EOW की टीम ने उसे 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
▪️ सरकारी दफ्तर में भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार
इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार की तस्वीर उजागर कर दी है। एक सामान्य प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए आम नागरिकों को रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। EOW की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
▪️ EOW टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में EOW रीवा की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में निरीक्षक प्रियंका पाठक, निरीक्षक हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, उप निरीक्षक श्रीमती भावना सिंह, उप निरीक्षक रुचिका सूर्यवंशी, उप निरीक्षक (अ) संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, प्रधान आरक्षक सत्यनारायण मिश्रा, प्रधान आरक्षक घनश्याम त्रिपाठी, आरक्षक अजय पाण्डेय, आरक्षक अमित कुमार दुबे तथा वाहन चालक आरक्षक संतोष मिश्रा शामिल रहे।
▪️ आगे की कार्रवाई जारी
EOW द्वारा आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह भी खंगाला जा रहा है कि आरोपी द्वारा पूर्व में इस तरह की और कितनी शिकायतें सामने आई हैं।
EOW की यह कार्रवाई न केवल भ्रष्ट अधिकारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों को यह भरोसा भी दिलाती है कि शिकायत करने पर सख्त और प्रभावी कार्वाई संभव है।





