“ बालिका की मुस्कान सद्कर्म का सबसे उज्ज्वल प्रमाण है”- अंतर्राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता आचार्य श्री रामानुजजी

‘अपना घर’ में माँ सरस्वती प्रतिमा प्राण-प्रतिष्ठा एवं नवनिर्मित सभागार ‘स्नेह-सदन’ का हुआ लोकार्पण

42

“ बालिका की मुस्कान सद्कर्म का सबसे उज्ज्वल प्रमाण है”- अंतर्राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता आचार्य श्री रामानुजजी

मंदसौर से डॉ घनश्याम बटवाल की रिपोर्ट 

मंदसौर । निराश्रित बालिका गृह ‘अपना घर’ परिसर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सेवा, संस्कार और स्नेह से परिपूर्ण एक गरिमामय आयोजन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय कथा प्रवक्ता आचार्य श्री रामानुज जी के दिव्य सानिध्य में माँ सरस्वती की प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव तथा नव-निर्मित सभागार “स्नेह-सदन” का लोकार्पण किया गया।

IMG 20260123 WA0116

लोकार्पण समारोह में नगर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, संस्था से जुड़े पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे

इस अवसर पर आचार्य श्री रामानुज जी ने कहा कि जर्जर भवन से शुरू हुई ‘अपना घर’ की यात्रा आज समाज के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ी है। यह नगर के सहयोग, वात्सल्य और सेवा-भाव का परिणाम है कि आज अपना घर की इन बालिकाओं के लिए सुविधायुक्त व्यवस्था साकार हुई है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति जितना सत्यनिष्ठ होता है, उसकी मुस्कान में वही सत्य झलकता है। सहजता, शांति और अपनापन ही जीवन के मूल मूल्य हैं। प्रेम जब

IMG 20260123 WA0117 संस्कार से जुड़ता है तो करुणा बनता है और समाज को दिशा देता है।

आचार्य श्री ने मालवा की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ का प्रेम अद्वितीय है। मंदसौर की अपनी फिजा है, जो बसंत आते ही महक उठती है। उन्होंने कहा कि यदि ईश्वर ने संपत्ति दी है तो उसे सद्कर्मों में लगाना चाहिए, क्योंकि बालिका की मुस्कान परमात्मा के समक्ष पुण्य का प्रमाण बनती है।

संस्था के अध्यक्ष ब्रजेश जोशी ने अपने स्वागत भाषण में ‘अपना घर’ की 25 वर्षों की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राव विजय सिंह के नगर पालिका के विद्या विहार में ग्रंथपाल रहते हुए गांधी स्वाध्याय मंच की गांधी सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के माध्यम से जनसेवा का जो बीज बोया गया, वही आगे चलकर स्वाध्याय मंच और ‘अपना घर’ का आधार बना।

IMG 20260123 WA0118

नगर के नागरिकों के सहयोग से यह संस्था निरंतर आगे बढ़ी। समय के साथ बालिकाओं की संख्या बढ़ी, भवन का विस्तार हुआ और शिक्षा सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुदृढ़ हुईं।

कार्यक्रम का शुभारम्भ सभागार माँ सरस्वती प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार हवन पूजन के साथ हुई और नवनिर्मित सभागार “स्नेह-सदन” के फीता खोलते हुए आचार्य श्री ने लोकार्पण किया।

IMG 20260123 WA0119

माता सरस्वती प्रतिमा प्रतिष्ठा विधि पंडित शैलेन्द्र उपाध्याय ने पूर्ण कराई, यज्ञ के यजमान मंडी व्यापारी राजेश गर्ग- श्रीमती ऋतु गर्ग थे।

आरम्भ में सरस्वती वंदना योग गुरु बंशीलाल टांक ने प्रस्तुत की,

अपना घर की बालिका राधिका, हिमांशी,बिट्टू एव पायल द्वारा प्रस्तुत भजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

प्रारंभ में अपना घर के संस्थापक अध्यक्ष राव विजयसिंह, अध्यक्ष ब्रजेश जोशी, सचिव श्याम कहार समेत अपना घर की बेटियों एवं स्टॉफ ने आचार्यश्री का स्वागत सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपना घर की और से आचार्यश्री का सम्मान किया गया।

इस अवसर पर बालिका गृह अपना घर मे निरन्तर सहयोग प्रदान करने वाले प्रेमेंद्र चोरडिया परिवार के पिंकेश चोरडिया, गांधी स्मारक ट्रस्ट (श्रम शिविर)के अध्यक्ष पंडित गोपाल गुरु और समाजसेवी नाहरू भाई मेव का शॉल श्रीफल ओर सम्मान पत्र भेंट कर सम्मान किया गया।

निराश्रित बालिका गृह अपना घर संस्था की बालिका संजना-देवेन्द्र के नववैवाहिक जीवन की शुभ शुरुआत के लिए दंपत्ति ने आचार्य श्री रामानुज जी से आशीर्वाद प्राप्त किया ।

अहरनिश सेवाव्रती और बालिका गृह के समर्पित संस्थापक राव विजयसिंह का सम्मान आचार्य श्री रामानुज जी ने किया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार लोकेश पालीवाल ने किया, आभार अपना घर के संस्थापक अध्यक्ष राव विजय सिंह ने व्यक्त किया

इस मौके पर पूर्व न्यायाधीश श्री जी डी सक्सेना कृषि वैज्ञानिक नरेंद्र सिंह सिपानी डॉ देवेंद्र पुराणिक सुनील व्यास राजेन्द्र चाष्टा खूबचंद शर्मा विक्रम विद्यार्थी डॉ घनश्याम बटवाल रमाशंकर शर्मा सुनील कटलाना गुरुचरण बग्गा सूरजमल गर्ग मनोज पाठक अनिल गुप्ता मुकेश वाडेल प्रद्युम्न शर्मा रमेश चंद्र भटनागर डॉ दिनेश तिवारी नवीन जैन दिलीप सोमानी नरेंद्र अग्रवाल रमेश काबरा अशोक गुप्ता डॉ दीपक अग्रवाल किशन चंद गोपाल राव प्रीतेश सिंह राव गोविन्द गर्ग सहित गणमान्य जनों की उपस्थिति रही ।