
Yoga Camp organised by Osho Universal : ओशो यूनिवर्सल (अमेरिका) द्वारा संचालित शिविर में 3 दिवसीय योग शिविर का हुआ समापन!
Ratlam : रजनीश ओशो की स्मृति में शहर के जवाहर नगर स्थित श्री रामकृष्ण परमहंस विवेकानंद आश्रम में तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर एवं महापरिनिर्वाण दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सर्व ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष प्रवीण उपाध्याय, संयोजक ओमप्रकाश त्रिवेदी, कौशल किशोर द्विवेदी, संजय गुप्ता, सीमा गुप्ता, महेंन्द्र शर्मा, आदर्श दुबे, हरीश मोदी द्वारा भगवान ओशो की मूर्ति पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शहर में दुसरी बार आयोजित भव्य शिविर के समापन पर रतलाम कि जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया व योग शिविर संचालिका की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

संचालिका मां प्रेम महिमा ने भगवान ओशो द्वारा निर्मित योग साधना कुंडलीनी ध्यान, अनापान सती योग, संत गुर्जियफ की टेक्नीक स्टॉप मेडिटेशन व लाफिंग मेडिटेशन को सीखाया। मां प्रेम महिमा ने अपने वक्तव्य में कहा पूरी दुनिया में मात्र ध्यान एक ऐसा विज्ञान है जो मनुष्य को अपने जीवन में तनाव रहित करता है नींद व्यक्ति को शरीर में ताजगी देती है वहीं ध्यान व्यक्ति में आत्मानुशासन नए विचारों का सृजन, जीवन में उत्साह उमंग व प्रेरणा देता हैं प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार ध्यान अवश्य करना चाहिए। संयोजक ओमप्रकाश त्रिवेदी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया और बताया स्वप्रेरणा से ही ऐसे आयोजन में व्यक्ति भाग लें सकते हैं दृढ़ इच्छा शक्ति पक्का इरादा व जीवन में कुछ करने की चाह व प्रेरणा से इस प्रकार के योग शिविर से मिलती हैं!
ओशो यूनिवर्सल (अमेरिका) द्वारा संचालित शिविर में 3 दिवसीय योग शिविर का हुआ समापन!
Ratlam : रजनीश ओशो की स्मृति में शहर के जवाहर नगर स्थित श्री रामकृष्ण परमहंस विवेकानंद आश्रम में तीन दिवसीय ओशो ध्यान शिविर एवं महापरिनिर्वाण दिवस का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सर्व ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष प्रवीण उपाध्याय, संयोजक ओमप्रकाश त्रिवेदी, कौशल किशोर द्विवेदी, संजय गुप्ता, सीमा गुप्ता, महेंन्द्र शर्मा, आदर्श दुबे, हरीश मोदी द्वारा भगवान ओशो की मूर्ति पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शहर में दुसरी बार आयोजित भव्य शिविर के समापन पर रतलाम कि जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया व योग शिविर संचालिका की भूरी-भूरी प्रशंसा की।
संचालिका मां प्रेम महिमा ने भगवान ओशो द्वारा निर्मित योग साधना कुंडलीनी ध्यान, अनापान सती योग, संत गुर्जियफ की टेक्नीक स्टॉप मेडिटेशन व लाफिंग मेडिटेशन को सीखाया। मां प्रेम महिमा ने अपने वक्तव्य में कहा पूरी दुनिया में मात्र ध्यान एक ऐसा विज्ञान है जो मनुष्य को अपने जीवन में तनाव रहित करता है नींद व्यक्ति को शरीर में ताजगी देती है वहीं ध्यान व्यक्ति में आत्मानुशासन नए विचारों का सृजन, जीवन में उत्साह उमंग व प्रेरणा देता हैं प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार ध्यान अवश्य करना चाहिए। संयोजक ओमप्रकाश त्रिवेदी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया और बताया स्वप्रेरणा से ही ऐसे आयोजन में व्यक्ति भाग लें सकते हैं दृढ़ इच्छा शक्ति पक्का इरादा व जीवन में कुछ करने की चाह व प्रेरणा से इस प्रकार के योग शिविर से मिलती हैं!





