
Gold Complex Case Dismissed दावे में वादी द्वारा न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर वाद निरस्त!
Ratlam : प्रधान जिला न्यायाधीश नीना आशापुरे ने शहर के कॉलेज रोड़ स्थित निर्माणाधीन गोल्ड कॉम्प्लेक्स मामले में फैसला सुनाते हुए वादी मेहरून्निशा, फातेमा बी, इरफान खान एवं सोनम खान द्वारा लगाए गए वाद को निरस्त कर दिया है प्रकरण में शासन की और से पैरवी कर रहें जिला लोक अभियोजक सुरेश कुमार वर्मा ने बताया कि वादी आवश्यक साक्ष्य एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कई अवसर प्रदान किए थे।
इसके बावजूद न तो वादी स्वयं न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए और न ही उनके द्वारा कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। फैसले में आरसीएसए क्रमांक 213/2023 में लंबित प्रकरण में वादी द्वारा बार-बार अवसर प्रदान किए जाने के बावजूद आवश्यक साक्ष्य एवं दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका। प्रकरण में प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा विचारोपरांत यह पाया गया कि वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने हेतु कई अवसर दिए इसके बावजूद वादी न तो स्वयं न्यायालय के समक्ष हाजिर हुआ और न ही साक्ष्य प्रस्तुत किए गए वादी की और से अनुपस्थिति की कोई संतोषजनक वजह भी प्रस्तुत नहीं की गई।
उक्त परिस्थितियों में न्यायालय द्वारा यह निष्कर्ष निकाला गया कि वादी द्वारा वाद को गंभीरता से आगे नहीं बढ़ाया जा रहा हैं। परिणामस्वरूप, सिविल प्रक्रिया संहिता आदेश 17 नियम 3 सीपीसी के अंतर्गत वादी का वाद निरस्त (Dismissed) किया गया, न्यायालय द्वारा यह भी आदेश पारित किया गया कि वाद निरस्त होने के कारण उत्पन्न व्यय का भार वादी स्वयं वहन करेगा। मध्य प्रदेश शासन न्यायालय के आदेश का स्वागत करता है तथा यह स्पष्ट करता है कि शासन सदैव विधि के अनुसार कार्य करता है एवं निराधार, असमर्थित एवं अनावश्यक वादों का विधि सम्मत प्रतिवाद किया जाता रहेगा!





