
अपहरण, मारपीट और 400 करोड़ की नकदी: चोरला घाट कांड में नया ट्विस्ट
Nashik: महाराष्ट्र के नासिक निवासी युवक संदीप पाटील के अपहरण की जांच से जुड़ा कथित 400 करोड़ रुपये के कंटेनर लूट कांड अब देश के सबसे रहस्यमय मामलों में गिना जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह मामला केवल अपहरण नहीं, बल्कि अवैध नकदी, पुराने नोटों और बड़े नामों तक पहुंचता दिखाई दे रहा है।
● अपहरण की शिकायत से खुला सनसनीखेज मामला
पुलिस के अनुसार संदीप पाटील का कुछ दिनों पहले अपहरण किया गया था। अपहरणकर्ताओं ने उसके साथ मारपीट की और एक बड़ी नकदी लूट में नाम घसीटते हुए धमकियां दीं। इसी शिकायत की जांच के दौरान पुलिस के सामने 16 अक्टूबर 2025 को कर्नाटक के चोरला घाट में हुई कथित कंटेनर लूट की कहानी सामने आई।
● दो कंटेनरों में 400 करोड़ रुपये होने का दावा
जांच में यह दावा सामने आया कि गोवा से कर्नाटक के रास्ते एक ट्रस्ट तक भेजे जा रहे दो कंटेनरों में करीब 400 करोड़ रुपये नकद रखे थे। यह पूरी रकम 2000 रुपये के पुराने नोटों में होने की बात कही गई है। कथित तौर पर रात के अंधेरे में इन कंटेनरों को लूट लिया गया।
● पीड़ित संदीप पाटील का बड़ा खुलासा
संदीप पाटील ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में दावा किया कि कंटेनरों में रखी नकदी का असली मालिक ठाणे का एक बिल्डर है। उसने कहा कि लूट के बाद कुछ लोगों ने उसे आरोपी ठहराते हुए अगवा किया, पीटा और चुप रहने का दबाव बनाया। संदीप का दावा है कि उसका इस लूट से कोई लेना देना नहीं है।
● पुराने 2000 के नोटों ने खड़े किए सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 2000 रुपये के नोट प्रचलन से बाहर हो चुके हैं, तो इतनी बड़ी मात्रा में नकदी का परिवहन किस उद्देश्य से किया जा रहा था। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि क्या यह काला धन, ट्रस्ट के नाम पर लेनदेन या किसी और अवैध गतिविधि से जुड़ा मामला है।

● कई गिरफ्तार, कई अब भी रडार पर
पुलिस ने अपहरण और धमकी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ के आधार पर नकदी, कंटेनर और कथित लूट की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि अब तक न तो कंटेनर बरामद हुए हैं और न ही नकदी का कोई ठोस सबूत सामने आया है।
● तीन राज्यों की जांच, पर सच्चाई अब भी धुंध में
महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा से जुड़े इस मामले में अलग अलग एजेंसियां जांच कर रही हैं। अब तक की जांच में लूट के दावे और वास्तविक सबूतों के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है। यह भी जांच का विषय है कि कहीं यह मामला जबरन वसूली, आपसी रंजिश या झूठे आरोपों का जाल तो नहीं।
● 400 करोड़ की लूट या कहानी का जाल
जांच जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, यह सवाल और गहरा होता जा रहा है कि क्या वाकई 400 करोड़ रुपये के कंटेनर लूटे गए थे या फिर यह पूरा मामला दबाव बनाने और डर फैलाने की साजिश है। पुलिस का कहना है कि जब तक ठोस साक्ष्य सामने नहीं आते, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
● जांच जारी, कई परतें खुलना बाकी
फिलहाल यह मामला अपहरण से शुरू होकर देश की सबसे बड़ी नकदी लूट की कथित कहानी तक पहुंच चुका है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस रहस्य से जुड़े कई और नाम और परतें सामने आ सकती हैं।





