डमरू,मृदंगम और नगाड़ा पर बैठकर लीजिए भारतीय संगीत का आनंद..!!

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डमरू,मृदंगम और नगाड़ा पर बैठकर लीजिए भारतीय संगीत का आनंद..!!

संजीव शर्मा की विशेष रिपोर्ट

बाँसुरी, डमरू, एकतारा, इसराज, मृदंगम्, नगाड़ा जैसे नाम सुनकर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन कानों में गूंजने लगी न…तो तैयार रहिए, कल नईदिल्ली में विजय चौक पर आपको इन्हीं नामों पर बैठकर इनकी ही धुनों को सुनना है..और केवल यही नहीं, पखावज, संतूर, सारंगी, सारिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा भी आपकी बैठक व्यवस्था का हिस्सा होंगे। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि आपको इन वाद्य यंत्रों पर बिठाया जाएगा बल्कि पहली बार इस वर्ष बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए विजय चौक पर बैठने के लिए बनाए गए एंक्‍लोज़र्स के नाम भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम पर रखे गए हैं ताकि आम लोगों को ज्यादा म्यूजिकल एवं अपनापन महसूस हो।

 

गौरतलब है कि बीटिंग द रिट्रीट एक पुरानी सैन्य परंपरा है। पहले युद्ध के समय शाम होते ही बिगुल बजाकर सैनिकों को संकेत दिया जाता था कि लड़ाई रोक दी जाए और सभी अपने शिविरों में लौट आएं। यही परंपरा अब बीटिंग द रिट्रीट समारोह के रूप में निभाई जाती है। अब हर साल विजय चौक पर 29 जनवरी को होने वाला ‘बीटिंग रिट्रीट’ गणतंत्र दिवस समारोहों के समापन का प्रतीक होता है । इसे सेनाओं की एकता, अनुशासन और गौरव का प्रतीक माना जाता है।

 

बीटिंग रिट्रीट के दौरान भारतीय थल सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड मनमोहक और जोशीली धुनें प्रस्तुत करते हैं। इस अवसर पर कल राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ साथ अन्य केंद्रीय मंत्री, अधिकारी तथा आम नागरिक मौजूद रहेंगे।

 

हर साल की तरह, इस वर्ष भी बीटिंग रिट्रीट समारोह में भारतीय धुनों का बोलबाला रहेगा। पिछले कुछ सालों से इस प्रतिष्ठित समारोह में भारतीय धुनों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसे हम भारतीय संगीत के महत्व को अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने का एक तरीका भी कह सकते हैं।

 

आधिकारिक जानकारी के अनुसार समारोह की शुरुआत संयुक्‍त बैंड द्वारा ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ की प्रस्तुति से होगी। इसके बाद पाइप्स एंड ड्रम्स बैंड द्वारा ‘अतुल्य भारत’, ‘वीर सैनिक’, ‘मिली जुली’, ‘नृत्य सरिता’, ‘मरूनी’ तथा ‘झेलम’ जैसी मधुर धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। वहीं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बैंड ‘विजय भारत’, ‘हथरोही’, ‘जय हो’ और ‘वीर सिपाही’ की प्रस्तुति देंगे।

 

भारतीय वायु सेना के बैंड द्वारा ‘ब्रेव वॉरियर’, ‘ट्विलाइट’, ‘अलर्ट’ और ‘फ़्लाइंग स्‍टार’ धुनें प्रस्तुत की जाएंगी, जबकि भारतीय नौसेना का बैंड ‘नमस्‍ते’, ‘सागर पवन’, ‘मातृभूमि’, ‘तेजस्‍वी’ और ‘जय भारती’ की प्रस्तुति देगा। इसके पश्चात भारतीय थल सेना का बैंड ‘विजयी भारत’, ‘आरम्‍भ है, प्रचंड है’, ‘ऐ वतन, ऐ वतन’, ‘आनन्‍द मठ’, ‘सुगम्‍य भारत’ तथा ‘सितारे हिन्‍द’ की मधुर धुनें प्रस्तुत करेगा।

इसके उपरांत संयुक्‍त बैंड्स द्वारा ‘भारत के शान’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘ड्रमर्स कॉल’ की धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। अंत में बुगलरों द्वारा सदाबहार और सर्वप्रिय धुन ‘सारे जहाँ से अच्छा’ की प्रस्तुति के साथ इस भव्य आयोजन का समापन होगा। इस दौरान विजय चौक मनमोहक रोशनी से जगमगा उठेगा। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस समारोह का समापन हो जाएगा।