मध्य प्रदेश प्रशासन को नई ताकत: राज्य को मिले 36 नव नियुक्त डिप्टी कलेक्टर, 6 फरवरी तक जॉइनिंग अनिवार्य

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मध्य प्रदेश प्रशासन को नई ताकत: राज्य को मिले 36 नव नियुक्त डिप्टी कलेक्टर, 6 फरवरी तक जॉइनिंग अनिवार्य

BHOPAL : मध्य प्रदेश प्रशासनिक सेवा को नई मजबूती मिली है। राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 2023 और 2024 की संयुक्त राज्य सेवा परीक्षा के परिणामों के आधार पर राज्य को 36 नए डिप्टी कलेक्टर प्राप्त हुए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इन अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी चयनित अधिकारी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि में रहेंगे।

▪️दो वर्ष की परिवीक्षा, असफलता पर लौटानी होगी शासकीय राशि
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, परिवीक्षा अवधि के दौरान यदि कोई अधिकारी शासन द्वारा निर्धारित शर्तों को पूर्ण करने में असफल रहता है, तो उसे इस अवधि में प्राप्त वेतन भत्ते, अग्रिम राशि और प्रशिक्षण पर हुए व्यय की भरपाई शासन को करनी होगी। इसके लिए सभी नव नियुक्त अधिकारियों से बांड भरवाया जाएगा। यह प्रावधान प्रशासनिक जवाबदेही और प्रशिक्षण की गंभीरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

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▪️अंशदान पेंशन योजना लागू, प्रशिक्षण और परीक्षा अनिवार्य
इन सभी चयनित अभ्यर्थियों पर अंशदान पेंशन योजना लागू होगी। परीवीक्षाधीन अधिकारी 6 फरवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद 9 फरवरी 2026 से प्रारंभ होने वाले संयुक्त आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें एक दिन पूर्व प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में उपस्थित होना होगा। यह प्रशिक्षण सभी अधिकारियों के लिए अनिवार्य रहेगा और इसके पश्चात आयोजित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होना भी आवश्यक होगा।
▪️प्रमाण पत्र सत्यापन में सख्ती, अयोग्यता पर नियुक्ति समाप्त
शासन ने स्पष्ट किया है कि जाति प्रमाण पत्र, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग संबंधी प्रमाण पत्र और मूल निवासी प्रमाण पत्र का सत्यापन संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। यदि सत्यापन के दौरान कोई अभ्यर्थी अयोग्य पाया जाता है, तो उसकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। यह व्यवस्था नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की गई है।
▪️इन अभ्यर्थियों को डिप्टी कलेक्टर पद पर मिली नियुक्ति
नव नियुक्त डिप्टी कलेक्टरों में अजीत कुमार मिश्रा, भुवनेश चौहान, यशपाल स्वर्णकार, अभिषेक जैन, अनुराग गुर्जर, प्रिया अग्रवाल, अर्पिता राय, सूरज सिंह, कल्पेश सिंघाई, अदिति जैन, अंकित उक्के, मोना दांगी, आरुषि गुप्ता, नरेंद्र सिंह मेवाडा, अक्षांश श्रीवास्तव, पंकज परमार, सिद्धार्थ मेहता, रानी अहिरवार, रश्मि कुशरे, सीमा बडोले, कृष्णपाल सिंह बघेल, शीतल ठाकुर, सोनाली डाबर, देवांशु शिवहरे, ऋषभ अवस्थी, शुभम, हर्षिता दवे, रुचि जाट, नम्रता जैन, गिर्राज परिहार, स्वर्णा दीवान, विक्रमदेव सरयाम, शिवानी सिरमाचे और जतिन कुमार ठाकुर शामिल हैं।
इन नियुक्तियों के साथ राज्य प्रशासन को जमीनी स्तर पर नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है, जिससे राजस्व, कानून व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ेगी।