इतिहास रचते सोना और चांदी: रिकॉर्ड कीमतों ने बढ़ाई आमजन की चिंता

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इतिहास रचते सोना और चांदी: रिकॉर्ड कीमतों ने बढ़ाई आमजन की चिंता

Bangalore-New Delhi: देश के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। कारोबारी सत्र की शुरुआत होते ही बाजार में जोरदार तेजी देखी गई। मंगलवार को बंद हुए बाजार के बाद बुधवार को खुलते ही सोना और चांदी दोनों में मजबूती दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।

🔸ताजा सर्राफा बाजार भाव क्या कह रहे हैं

देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में बुधवार को बंद हुए कारोबार के अनुसार 24 कैरेट सोने का औसत भाव करीब 74,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया। कुछ शहरों में यह भाव 75,000 रुपये के स्तर को भी छूता नजर आया। वहीं चांदी का औसत भाव 4,05,000 से 4,07,000 रुपये प्रति किलो के बीच दर्ज किया गया। बाजार खुलते ही चांदी में लगभग 2,000 से 3,000 रुपये प्रति किलो की तेजी देखी गई। अलग-अलग शहरों में टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण भावों में अंतर देखा जा रहा है।

🔸अचानक क्यों तेज हुए सोना और चांदी के दाम

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसे हालात और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर मोड़ा है। ऐसे समय में सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, जिससे इनकी मांग बढ़ जाती है।

🔸डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी बड़ा कारण

भारत अपनी अधिकांश सोने की जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से सोने का आयात महंगा पड़ता है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर दिखता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में आई मजबूती भी भारतीय बाजार को ऊपर की ओर धकेल रही है।

🔸चांदी की औद्योगिक मांग ने बढ़ाया दबाव

चांदी की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण उसकी बढ़ती औद्योगिक मांग है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चांदी के उपयोग ने इसकी मांग को लगातार बढ़ाया है। मांग बढ़ने और आपूर्ति सीमित रहने की स्थिति में कीमतों का ऊपर जाना स्वाभाविक माना जा रहा है।

🔸शादी-ब्याह और त्योहारों पर पड़ा सीधा असर

सोने और चांदी के बढ़ते दामों का सबसे ज्यादा असर आम परिवारों पर पड़ रहा है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में आभूषण खरीदना अब पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। मध्यम वर्ग के लिए सीमित बजट में गहने खरीदना मुश्किल होता जा रहा है, जिससे कई परिवार खरीदारी टालने या वजन कम कराने को मजबूर हैं।

🔸निवेशकों के साथ आम खरीदार भी असमंजस में

जहां एक ओर निवेशक वर्ग इस तेजी को मुनाफे का मौका मान रहा है, वहीं आम खरीदारों के लिए यह तेजी चिंता का विषय बनती जा रही है। ऊंचे दाम पर खरीदारी करने के बाद भविष्य में कीमतों में गिरावट का डर भी लोगों को सताने लगा है। छोटे निवेशक और कारीगर भी बढ़ती लागत के कारण दबाव महसूस कर रहे हैं।

🔸आगे क्या रह सकता है रुख

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात स्थिर नहीं होते और मुद्रा बाजार में संतुलन नहीं बनता, तब तक सोना और चांदी ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहना भी तय माना जा रहा है।

🔸निष्कर्ष

सोना और चांदी भारतीय समाज में केवल निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और सुरक्षा का प्रतीक रहे हैं। लेकिन जब इनकी कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर जाने लगें, तो यह सिर्फ बाजार की खबर नहीं रह जाती, बल्कि आम जीवन से जुड़ी बड़ी चिंता बन जाती है। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और घरेलू नीतियां तय करेंगी कि यह तेजी थमेगी या आमजन की जेब पर दबाव और बढ़ेगा।