Bank fraud of Rs 1.66 crore in Rewa: बियर बार संचालक पर ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई

बंधक संपत्तियां बेचकर और स्वरूप बदलकर केनरा बैंक को लगाया चूना

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Bank fraud of Rs 1.66 crore in Rewa: बियर बार संचालक पर ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई

 

REWA: बैंकिंग सिस्टम को चकमा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला रीवा में सामने आया है। बियर बार संचालक और मेसर्स सिंह एंड कंपनी के प्रोपराइटर लाल बहादुर सिंह उर्फ एल.बी. सिंह के विरुद्ध केनरा बैंक से धोखाधड़ी कर 166.83 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

 

🔸हाउसिंग और व्यावसायिक ऋण लेकर रची गई धोखाधड़ी की नींव

ईओडब्ल्यू के अनुसार लाल बहादुर सिंह पुत्र चंद्रभान सिंह ने वर्ष 2013 में केनरा बैंक शाखा रीवा से हाउसिंग लोन तथा अपनी फर्म मेसर्स सिंह एंड कंपनी के लिए विभिन्न क्रेडिट फेसेलिटी के तहत व्यावसायिक ऋण प्राप्त किया था। इस तरह आरोपी द्वारा कुल 58.00 लाख रुपये का ऋण लिया गया।

▪️चार संपत्तियां बंधक रखीं, भरोसा तोड़ा

ऋण के एवज में आरोपी ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पड़रा रीवा स्थित अपने मकान सहित कुल चार संपत्तियां बैंक के पास बंधक रखीं। बैंक को भरोसा था कि इन संपत्तियों के आधार पर ऋण की वसूली सुरक्षित रहेगी।

▪️दो मकान बेचे, एक दुकान का बदला स्वरूप

जांच में सामने आया कि आरोपी ने बैंक का बकाया ऋण चुकाए बिना ही धोखाधड़ी की नीयत से बंधक रखी संपत्तियों में से दो मकानों को विक्रय कर दिया। इतना ही नहीं, एक बंधक दुकान का स्वरूप भी बदल दिया गया, जिससे बैंक कानूनी रूप से ऋण वसूली न कर सके।

▪️वसूली रोकने की सुनियोजित साजिश

ईओडब्ल्यू की जांच में यह तथ्य उजागर हुआ कि संपत्तियों का विक्रय और स्वरूप परिवर्तन जानबूझकर इस उद्देश्य से किया गया ताकि बैंक की वसूली प्रक्रिया बाधित हो जाए। इस कृत्य के चलते शिकायत दिनांक तक केनरा बैंक को कुल 166.83 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

▪️शिकायत सत्यापन के बाद दर्ज हुआ अपराध

मामले की शिकायत और दस्तावेजों के गहन सत्यापन के बाद ईओडब्ल्यू रीवा ने लाल बहादुर सिंह और उनकी फर्म मेसर्स सिंह एंड कंपनी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420 और 120बी के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

▪️जांच में और नाम आने की संभावना

ईओडब्ल्यू सूत्रों के अनुसार विवेचना के दौरान संपत्ति विक्रय, बैंक दस्तावेजों, लेनदेन और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।