वर्ल्डकप की सबसे बड़ी टक्कर रद्द होने की कगार पर: पाकिस्तान ने लिया बड़ा फैसला

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वर्ल्डकप की सबसे बड़ी टक्कर रद्द होने की कगार पर: पाकिस्तान ने लिया बड़ा फैसला

New Delhi: टी20 वर्ल्डकप 2026 में क्रिकेट प्रेमियों के लिए सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित भारत– पाकिस्तान मुकाबले को लेकर बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान ने वर्ल्डकप में भारत के खिलाफ होने वाला मुकाबला नहीं खेलने का फैसला किया है। यह निर्णय सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार के स्तर पर लिया गया है, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में हलचल तेज हो गई है। पाकिस्तान सरकार के इस फैसले के बाद स्थिति लगभग स्पष्ट हो गई है कि पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट में हिस्सा तो लेगी, लेकिन भारत के खिलाफ निर्धारित मुकाबले से दूरी बनाएगी। यह मुकाबला ग्रुप चरण का सबसे अहम और हाई-वोल्टेज मैच माना जा रहा था, जिस पर करोड़ों दर्शकों की निगाहें टिकी थीं।

क्रिकेट से आगे बढ़ा मामला, राजनीतिक निर्णय बना कारण

यह फैसला केवल खेल तक सीमित नहीं माना जा रहा है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और कूटनीतिक कारण प्रमुख बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार का तर्क है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत के खिलाफ मैदान में उतरना उसके राष्ट्रीय रुख के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने की अनुमति दी गई है।

आईसीसी के लिए बड़ी चुनौती

पाकिस्तान के इस रुख से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के सामने बड़ी प्रशासनिक और नियामकीय चुनौती खड़ी हो गई है। यदि पाकिस्तान आधिकारिक रूप से मैच में हिस्सा नहीं लेता है, तो आईसीसी के नियमों के तहत यह मुकाबला फॉरफिट माना जाएगा। इसका सीधा असर अंक तालिका, ग्रुप समीकरण और आगे के मुकाबलों की तस्वीर पर पड़ सकता है।

करोड़ों दर्शकों को झटका, आर्थिक असर भी तय

भारत–पाकिस्तान मुकाबला विश्व क्रिकेट का सबसे अधिक देखा जाने वाला और व्यावसायिक रूप से सबसे अहम मैच माना जाता है। इसके न होने से प्रसारकों, प्रायोजकों और टूर्नामेंट की समग्र व्यावसायिक योजना पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला वर्ल्डकप के आकर्षण और रोमांच को भी प्रभावित कर सकता है।

पहले भी रहे हैं ऐसे उदाहरण

अतीत में राजनीतिक तनाव के चलते भारत और पाकिस्तान के बीच कई बार क्रिकेट मुकाबले रद्द हुए हैं या सीमित किए गए हैं। हालांकि आईसीसी के किसी बड़े टूर्नामेंट में इस तरह का सीधा बहिष्कार दुर्लभ माना जाता है, इसलिए इस फैसले को ऐतिहासिक और असाधारण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल सभी की निगाहें आईसीसी और संबंधित क्रिकेट बोर्ड की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि टूर्नामेंट शेड्यूल में क्या बदलाव किए जाते हैं और भारत–पाकिस्तान मुकाबले को लेकर अंतिम निर्णय क्या रूप लेता है।