बोरी के सेवाभावी जैन समाजसेवी विजय गांधी “विजू सेठ” का आकस्मिक निधन: क्षेत्र में शोक की लहर, हर आंख नम

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बोरी के सेवाभावी जैन समाजसेवी विजय गांधी “विजू सेठ” का आकस्मिक निधन: क्षेत्र में शोक की लहर, हर आंख नम

BORI-UDAYGARH

उदयगढ़ विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बोरी निवासी, जैन समाज तेरापंथ के साधक अनुयाई एवं क्षेत्र के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता श्री विजय कुमार गांधी (जैन), जिन्हें पूरे क्षेत्र में स्नेह से “विजू सेठ” के नाम से जाना जाता था, का अल्प बीमारी के बाद आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही परिवार, समाज और पूरे अंचल में शोक की लहर दौड़ गई।

● मुस्कुराहट और सेवा से पहचाने जाते थे “विजू सेठ”

विजय गांधी केवल नाम नहीं, बल्कि व्यवहार, संवेदना और सेवा का जीवंत प्रतीक थे। वे हमेशा प्रसन्न रहने वाले, सहज मुस्कान से सामने वाले को अपनापन देने वाले व्यक्तित्व थे। उनकी मुस्कुराहट और सकारात्मक ऊर्जा ऐसी थी कि जो भी उनसे मिलता, निराशा भूल जाता। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना उनके जीवन की सबसे बड़ी पहचान रही।

● सहकारी संस्था में निभाई जिम्मेदारी, सेवा में नहीं रखा भेद

स्वर्गीय विजय गांधी हर दिन जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित कुंडलवासा में प्रबंधक के रूप में सेवाएं दे रहे थे। अपनी नौकरी और आर्थिक दायित्वों से अलग हटकर भी वे जरूरतमंदों की मदद में कभी पीछे नहीं रहे। किसी की पीड़ा हो, आर्थिक संकट हो या सामाजिक सहयोग की आवश्यकता, “विजू सेठ” हमेशा आगे खड़े नजर आते थे।

● ग्राम Bori से Jobat तक फैली उनकी पहचान

उनका पैतृक निवास ग्राम बोरी में रहा, जबकि पिछले कुछ वर्षों से वे जोबट में निवासरत थे। बोरी, कुंडलवासा, उदयगढ़ और जोबट क्षेत्र में उनकी सामाजिक सक्रियता और मानवीय व्यवहार के कारण वे हर वर्ग में लोकप्रिय थे। जैन समाज ही नहीं, बल्कि सर्व समाज में उन्हें सम्मान और स्नेह प्राप्त था।

● परिवार और क्षेत्र गहरे शोक में

श्री गांधी के आकस्मिक निधन से उनका परिवार, जैन समाज और पूरे क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। हर कोई इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहा कि हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहने वाले “विजू सेठ” इतनी जल्दी सभी को छोड़कर चले गए।

● पारिवारिक परिचय

दिवंगत विजय गांधी स्वर्गीय सेठ श्री रतनलाल जी गांधी के सुपुत्र थे। वे स्वर्गीय वीरेंद्र गांधी के अनुज, संजय गांधी के बड़े भाई, चिरंजीव वैभव एवं कु. संजना के पूज्य पिता थे। अंकित, अमित एवं पायल, आंचल के काका तथा प्रांजल और यश के बड़े पापा, मीत एवं दक्ष के बड़े दादा के रूप में परिवार में उनका विशेष स्नेह और सम्मान रहा।

● अंतिम यात्रा आज शाम Jobat निज निवास से

दिवंगत विजय गांधी के छोटे भाई संजय गांधी ने बताया कि अंतिम यात्रा आज दिनांक 03 फरवरी 2026 को शाम 4.00 बजे निज निवास किला जोबट मार्ग, जोबट से निकाली जाएगी। क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक अंतिम विदाई देने पहुंचेंगे।

● अपूरणीय क्षति

विजय गांधी का निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी सरलता, सेवा भावना और मानवीय संवेदना लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगी।