आत्मसमर्पण करने वाले कई नक्सलियों को नहीं मिल पा रही प्रोत्साहन राशि, अफसर जुटे दस्तावेज बनवाने में

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आत्मसमर्पण करने वाले कई नक्सलियों को नहीं मिल पा रही प्रोत्साहन राशि, अफसर जुटे दस्तावेज बनवाने में

भोपाल: बालाघाट में आत्मसमर्पण करने वाले कुछ नक्सलियों को अब भी सरकार से मिलने वाले प्रोत्साहन राशि का इंतजार कर रहे हैं। दरअसल इन माओवादियों के पास यह साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं कि वे भारतीय नागरिक हैं, जिसके चलते उन्हें अभी तक तय राशि नहीं मिल सकी है। बालाघाट पुलिस उनके दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। सरकार ने पुनर्वास नीति के तहत इन्हें सहायता राशि देने का घोषणा की थी। इसके तहत इन सभी को यह राशि दी जाना है।

करीब डेढ़ महीने पहले एमएनसी जोन में सक्रिय 13 माओवादियों ने बालाघाट में सरेंडर किया था। इन सभी पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र पुलिस द्वारा कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें एक नक्सली दीपक बालाघाट का निवासी है, जबकि शेष नक्सली छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कागजात तैयार कराने के लिए संबंधित गांवों के सरपंच , एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय किया जा रहा है।

ये दस्तावेज हैं जरुरी

पुलिस के अनुसार, सबसे पहला जरूरी दस्तावेज जन्म प्रमाण पत्र है, जिसे संबंधित नक्सली के गांव के सरपंच के माध्यम से प्राप्त किया जा रहा है। इसके बाद जीराम जी का जॉब कार्ड है, जो सभी का बनवाया जा रहा है। जिसके आधार पर राशन कार्ड जारी किया जाएगा। राशन कार्ड बनने के बाद वोटर आईडी कार्ड तैयार किया जाएगा, आधार कार्ड बनाया जाएगा और अंत में बैंक खाता खोला जाएगा, ताकि इंसेंटिव की राशि बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सके।

आधा दर्जन नक्सलियों के अब तक बने पूरे कागजात

बताया जाता है कि अब सरेंडर कर चुके नक्सलियों में से अब तक पांच से छह के कागजात बन चुके हैं। बाकी नक्सलियों के लिए पुलिस लगातार प्रक्रिया में सहयोग कर रही है। सभी दस्तावेज पूरे होते ही इंसेंटिव की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

33 लाख रुपये तक की राशि सरकार से मिलना है

मध्य प्रदेश नक्सली पुनर्वास सह राहत नीति- 2023 के तहत राज्य में सरेंडर करने वाले नक्सली को सरकार से कुल मिलाकर संभावित रूप से 33 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इस राशि में हथियार के साथ सरेंडर करने पर मिलने वाली प्रोत्साहन राशि, आवास निर्माण के लिए दी जाने वाली सब्सिडी, विवाह सहायता, नकद इंसेंटिव या घोषित इनाम की राशि, अचल संपत्ति खरीदने के लिए सहायता तथा स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के लिए दी जाने वाली राशि शामिल है।